सिर्फ 6 मैच में घिरे श्रेयस अय्यर, कप्तानी पर उठे सवाल; दिग्गज बोले- IPL जैसा दम नहीं दिखा

पूर्व क्रिकेटर सबा करीम ने कहा कि श्रेयस अय्यर को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी कप्तानी साबित करनी होगी. उन्होंने बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए और पांचवें टी20 में संजू सैमसन को मौका देने की सलाह दी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम ने कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति पर सवाल उठाए हैं. उनका मानना है कि आईपीएल में सफल कप्तानी करने वाले अय्यर को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैसी ही समझ और नेतृत्व क्षमता दिखानी होगी. करीम ने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की जरूरत बताते हुए पांचवें टी20 मुकाबले के लिए टीम संयोजन पर भी अहम सुझाव दिए हैं.

सबा करीम ने कहा कि श्रेयस अय्यर के सामने अब खुद को सफल अंतरराष्ट्रीय कप्तान साबित करने की चुनौती है. उनके अनुसार आईपीएल में अय्यर की रणनीतिक सोच की काफी चर्चा रही, लेकिन वही समझ अब तक भारतीय टीम की कप्तानी में नजर नहीं आई. लगातार खराब नतीजों ने उनकी कप्तानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बल्लेबाजी क्रम पर उठाए सवाल

करीम ने टीम प्रबंधन के बल्लेबाजी क्रम पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब अय्यर खुद मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर रहे थे तो शिवम दुबे को पांचवें नंबर पर भेजने का फैसला समझ से परे था. उन्होंने कहा कि आईपीएल में दिखने वाली रणनीतिक सोच यहां दिखाई नहीं दी, जिससे टीम का संतुलन भी प्रभावित हुआ.


अय्यर की बल्लेबाजी को बताया सकारात्मक

हालांकि करीम ने श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी की खुलकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि कप्तान का रन बनाना पूरी टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाता है. जब कप्तान अच्छी लय में होता है तो उसके फैसलों में भी आत्मविश्वास झलकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी मुकाबलों में इसका असर टीम के प्रदर्शन पर भी दिखाई देगा.

संजू सैमसन को मौका देने की सलाह

पूर्व क्रिकेटर ने पांचवें टी20 मैच के लिए टीम में बदलाव की वकालत की. उनका मानना है कि मध्यक्रम में एक अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है और इसके लिए संजू सैमसन सबसे बेहतर विकल्प हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि तिलक वर्मा को टीम में रखा जाता है तो शिवम दुबे की जगह संजू सैमसन को मौका दिया जाना चाहिए.

टीम की सोच बदलने की जरूरत

करीम ने सूर्यांश शेडगे को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की पैरवी की. उनका मानना है कि वह उपयोगी ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को आईपीएल की सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री वाली मानसिकता से बाहर निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा.