FIFA World Cup 2026

कौन हैं भारतीय मूल के सरप्रीत सिंह? FIFA World Cup 2026 में ईरान के खिलाफ उतरकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

न्यूजीलैंड के मिडफील्डर सरप्रीत सिंह फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शुरुआती एकादश में खेलने वाले पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर बन गए.

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Ashutosh Rai

फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भारतीय मूल के किसी खिलाड़ी का शुरुआती एकादश में खेलना अपने आप में बहुत बड़ी बात है. न्यूजीलैंड के 27 साल के मिडफील्डर सरप्रीत सिंह ने यही करके दिखाया और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया. पंजाबी परिवार में पले-बढ़े इस युवा खिलाड़ी ने साबित किया कि मेहनत और लगन से बड़े सपने भी सच होते हैं.

सरप्रीत सिंह ने रचा इतिहास

न्यूजीलैंड की तरफ से खेलने वाले सरप्रीत सिंह का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ था. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान के खिलाफ खेले गए मैच में न्यूजीलैंड के मुख्य कोच डैरेन बेजले ने उन्हें शुरुआती एकादश में जगह दी. यह मैच 2-2 की बराबरी पर खत्म हुआ. सरप्रीत ने 10 नंबर की जर्सी पहनकर लगभग पूरे मैच में दमदार खेल दिखाया और 90वें मिनट तक मैदान पर टिके रहे. उन्होंने ईरान के गोल पर तीन शॉट भी लगाए, भले ही गोल नहीं हुआ लेकिन उनका खेल सबको पसंद आया. इस तरह वे फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआती प्लेइंग इलेवन में जगह पाने वाले पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर बन गए.

दो भारतीय होंगे आमने-सामने

इस वर्ल्ड कप में एक और भारतीय मूल के खिलाड़ी ने भी अपनी छाप छोड़ी है. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने वाले 25 साल के विंगर निशान वेलुपिल्ले ने वैंकूवर में तुर्किए के खिलाफ मैच में 60वें मिनट में मैदान पर उतरकर वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू किया. उनकी टीम ने वह मैच 2-0 से जीता. वेलुपिल्ले का जन्म मेलबर्न में हुआ था. उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं जबकि पिता मलेशियाई-श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं. अब 21 जून को वैंकूवर में न्यूजीलैंड का सामना मिस्र से होगा, उससे पहले दोनों भारतीय मूल के खिलाड़ियों की चर्चा खूब हो रही है.


भारतीय मूल के खिलाड़ियों पर नजर

इस टूर्नामेंट में भारतीय मूल के दो और खिलाड़ी ध्यान खींच रहे हैं. कांगो के सैमुअल मौतौसामी और कतर के तहसीन मोहम्मद जमशेद पर सबकी नजर है. तहसीन को 13 जून को स्विट्जरलैंड के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ रहे मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था. वहीं मौतौसामी को क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल के खिलाफ कांगो की तरफ से खेलने का मौका मिल सकता है. यह भी याद रखना जरूरी है कि इससे पहले फ्रांस के विकास धोरासू ने 2006 के वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया था लेकिन वे शुरुआती एकादश में नहीं थे.