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12 साल में 439 रन से मचाई सनसनी, अब श्रीलंका में सरफराज खान की होगी अग्निपरीक्षा

सरफराज खान को साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है. 439 रन की ऐतिहासिक पारी से मशहूर हुए सरफराज के लिए यह अहम मौका है.

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Meenu Singh

महज 12 साल की उम्र में 439 रन की असाधारण पारी खेलकर चर्चा में आए सरफराज खान का क्रिकेट सफर हमेशा सीधा नहीं रहा. कभी उम्र विवाद ने उनका रास्ता रोका, तो कभी भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद निरंतरता की चुनौती सामने आई. अब श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें फिर मौका मिला है. साई सुदर्शन के चोटिल होने से खाली हुई जगह ने सरफराज के सामने खुद को साबित करने का एक और बड़ा अवसर खोल दिया है.

12 साल की उम्र में रचा था इतिहास

सरफराज ने महज 12 साल की उम्र में मुंबई के हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 439 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था. उनकी पारी में 56 चौके और 12 छक्के शामिल थे. हालांकि, इसके बाद उनकी उम्र को लेकर विवाद हुआ और मुंबई क्रिकेट संघ ने उन्हें कुछ समय के लिए निलंबित किया. उम्र की जांच के बाद उन्हें दोबारा खेलने की अनुमति मिली और उनका क्रिकेट सफर आगे बढ़ा.

अंडर-19 से IPL तक बनाई पहचान

मुंबई अंडर-19 में अच्छे प्रदर्शन के बाद सरफराज को 2013 में भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 66 गेंदों में शतक लगाया. 2014 अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने 211 रन बनाए. इसके बाद 2015 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 50 लाख रुपये में खरीदा. 2016 अंडर-19 विश्व कप में भी उन्होंने 355 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.


टेस्ट टीम में जगह, लेकिन चुनौती बरकरार

सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई और उत्तर प्रदेश के लिए खेलते हुए लगातार रन बनाए. बाद में वह भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचे. अब तक छह टेस्ट की 11 पारियों में उनके नाम 371 रन हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 150 रन है. उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए हैं. आंकड़े उनकी क्षमता दिखाते हैं, लेकिन टीम में स्थायी जगह के लिए लगातार प्रभावी प्रदर्शन करना जरूरी है.

श्रीलंका दौरा तय करेगा आगे की राह

साई सुदर्शन के दाएं पैर के अंगूठे में स्ट्रेस रिएक्शन के कारण बाहर होने के बाद सरफराज को टीम में शामिल किया गया है. श्रीलंका में उन्हें मौका मिलता है तो स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन अहम रहेगा. भारतीय टेस्ट मध्यक्रम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सरफराज को पुराने रिकॉर्ड नहीं, बल्कि मौजूदा प्रदर्शन के दम पर टीम प्रबंधन का भरोसा जीतना होगा.