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टीम में सिर्फ जगह बचाने के लिए खेलते हैं केएल राहुल! संजय मांजरेकर ने स्टार खिलाड़ी पर साधा निशाना

KL Rahul: हम सीरीज की शुरुआत में उनके बारे में बात कर रहे थे कि वह भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं. वह बहुत ही संतुलित दिख रहे थे, फिर ब्रिसबेन में भी उन्होंने 80 रन बनाए. हमें लगा कि शायद यह उनके करियर को सही दिशा में ले जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ.

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Praveen Kumar Mishra

KL Rahul: भारत के पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने स्टार बल्लेबाज केएल राहुल को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका मानना है कि राहुल ऐसा ही करते आ रहे हैं और वे कुछ अच्छी पारियां खेली हैं और फिर फ्लॉप हो जाते हैं. बता दें हाल ही में समाप्त हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में राहुल पहले के कुछ मैचों मे अच्छे दिखाई थे लेकिन उसके बाद से वे अच्छा प्रदर्शन नही कर सके.

ऐसे में राहुल को लेकर संजय मांजरेकर का कहना है कि राहुल के बारे में हमें पता है कि वे इसी तरह से करते हुए हैं. वे लगातार रन नही बना पाते हैं और फिल उन्हें बाहर बैठना पड़ जाता है. हालांकि, मांजरेकर का मानना है कि राहुल को आगे भी मौके मिले चाहिए ताकि वे अपनी प्रतिभा को सही साबित कर सके.

संजय मांजरेकर ने की राहुल की आलोचना

ईएसपीएनक्रिक्इंफो से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अब हम जानते हैं कि केएल राहुल क्या हैं. हम सीरीज की शुरुआत में उनके बारे में बात कर रहे थे कि वह भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं. वह बहुत ही संतुलित दिख रहे थे, फिर ब्रिसबेन में भी उन्होंने 80 रन बनाए. हमें लगा कि शायद यह उनके करियर को सही दिशा में ले जाएगा लेकिन आपने फिर से असफलताएं देखीं."

मांजरेकर ने राहुल को और भी अधिक मौके दिए जाने पर बात करते हुए कहा कि "मुझे नहीं लगता कि उन्हें इंग्लैंड के लिए बाहर रखा जाएगा क्योंकि भारत अभी भी एक सलामी बल्लेबाज की तलाश में है. वे अभिमन्यु ईश्वरन को नहीं भेजना चाहते हैं, पिछली बार जब भारत इंग्लैंड में तो राहुल ने अच्छा प्रदर्शन किया था. इसलिए, मुझे लगता है कि ओपनिंग संयोजन जारी रहेगा, जब तक कि रोहित शर्मा पारी की शुरूआत करने के लिए ऊपरी क्रम में नही आते हैं."

BGT में राहुल का खराब प्रदर्शन

बीजीटी 2024-25 में 10 पारियों के दौरान, राहुल ने 276 रन बनाते हुए 30.66 की औसत से 2 अर्धशतक लगाए. उन्होंने पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में 77 और ब्रिस्बेन की पहली पारी में 84 रन बनाए लेकिन श्रृंखला का अंत उन्होंने तीन ऐसी पारियों के साथ किया जो मानक से काफी पीछे थीं.