प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भारत के खेल भविष्य को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक में भारत को ज्यादा से ज्यादा खेलों में हिस्सा लेना चाहिए. इसके लिए देशभर से 5 से 15 साल के होनहार बच्चों को खोजकर उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाएं देने की योजना शुरू होगी.
मोदी ने लाल किले से कहा कि भारत खेलों में लगातार आगे बढ़ रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार है. उन्होंने बताया कि ओलंपिक में करीब 40 खेल विधाएं और लगभग 350 इवेंट होते हैं लेकिन भारत कई स्पर्धाओं में क्वालीफाई नहीं कर पाता. इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार अब कम उम्र से ही खिलाड़ियों की पहचान करना चाहती है. देश के अलग-अलग हिस्सों से 5 से 15 साल के बच्चों को चुना जाएगा और उन्हें वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी बनने के लिए जरूरी ट्रेनिंग, सुविधाएं और दूसरी मदद देने पर जोर रहेगा.
भारत 2030 में गुजरात के अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है. 2026 ग्लासगो गेम्स के समापन समारोह में इसकी मेजबानी औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गई थी. यह कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी आयोजन होगा. 2010 में नई दिल्ली के बाद अहमदाबाद भारत का दूसरा शहर होगा जो इस प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा. इस दौरान खेल सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के साथ नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का मौका भी मिलेगा. नरेंद्र मोदी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स अहमदाबाद गेम्स के प्रमुख आयोजन क्षेत्रों में शामिल रहेगा.
मोदी के इस ऐलान का सबसे बड़ा फोकस भारत की ओलंपिक तैयारी का दायरा बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि 2036 तक भारतीय खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लिए तैयार हों. देश में पहले से चल रहे खेलो इंडिया, यूनिवर्सिटी गेम्स, बीच गेम्स और विंटर गेम्स जैसे कार्यक्रमों के साथ खेल ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन पर भी काम हो रहा है. नई टैलेंट हंट योजना इन प्रयासों को कम उम्र की प्रतिभाओं से जोड़ सकती है.