Champions Trophy 2025 को लेकर पाकिस्तान के रुख ने किया हैरान, भारत को लेकर ICC को दिया दो टूक जवाब
PCB on Champions Trophy 2025: पाकिस्तान की मेजबानी में खेले जाने वाले चैम्पियन्स ट्रॉफी 2025 की तैयारियां पीसीबी ने पहले ही तेज कर दी है लेकिन इस बीच जो सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है वो ये है कि क्या भारतीय क्रिकेट टीम को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए पाकिस्तान जाने के लिए बीसीसीआई हरी झंडी देने वाला है. इस बीच पीसीबी ने आईसीसी को ऐसा जवाब दिया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है.
PCB on Champions Trophy 2025: अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) इस बात से हैरान है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अब तक भारत की भागीदारी को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई है.
चैम्पियन्स ट्रॉफी को लेकर क्या है भारत का रुख
भारत सरकार की अनुमति के बिना भारतीय टीम के पाकिस्तान दौरे पर जाने की संभावना कम ही नजर आ रही है. भारत का रुख साफ है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करना चाहता है, जैसा कि एशिया कप 2023 में हुआ था. यदि ऐसा नहीं होता है तो भारत इस टूर्नामेंट से हटने पर भी विचार कर सकता है.
पाकिस्तान और आईसीसी की क्या है स्थिति
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपनी मेजबानी नहीं गंवाना चाहता है और सभी मैच पाकिस्तान में ही करवाना चाहता है. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, भारत के सभी मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में होने हैं. वहीं ICC ने भारत के मैच किसी अन्य देश में करवाने के लिए बजट को मंजूरी दी है, लेकिन पीसीबी इस पर जोर नहीं दे रहा है.
चैम्पियन्स ट्रॉफी को लेकर क्या हैं जरूरी मुद्दे
- भारत की भागीदारी: भारतीय टीम का पाकिस्तान दौरा होना सबसे बड़ा सवाल है. भारत सरकार की अनुमति और हाइब्रिड मॉडल का लागू होना इस पर निर्भर करेगा.
- हाइब्रिड मॉडल: भारत हाइब्रिड मॉडल चाहता है, जबकि पाकिस्तान सभी मैच अपने देश में करवाना चाहता है.
- ICC का रुख: ICC दोनों देशों को मनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है.
- मैचों का स्थान: यदि हाइब्रिड मॉडल लागू होता है तो भारत के मैच श्रीलंका या दुबई में करवाए जा सकते हैं.
अगर खिंचा मामला तो क्या हो सकते हैं संभावित परिणाम
- हाइब्रिड मॉडल लागू होना: यदि दोनों देश हाइब्रिड मॉडल पर सहमत हो जाते हैं तो टूर्नामेंट सुचारू रूप से आयोजित हो सकता है.
- भारत का टूर्नामेंट से हटना: यदि दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बनती है तो भारत टूर्नामेंट से हट सकता है.
- टूर्नामेंट का रद्द होना: सबसे बुरा परिणाम यह हो सकता है कि टूर्नामेंट ही रद्द हो जाए.
यह साफ है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति है. आने वाले समय में इस मामले में क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा.