IND Vs NZ

आज के दिन सचिन तेंदुलकर ने बनाया था करियर का पहला शतक, इंग्लैंड के खिलाफ 17 साल की उम्र में किया था कारनामा

Sachin Tendulkar 1st Century: भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज यानी 14 अगस्त 1990 को अपने करियर का पहला शतक लगाया था.

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Praveen Kumar Mishra

Sachin Tendulkar 1st Century: 14 अगस्त 1990 का दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. इसी दिन, महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था. केवल 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सचिन ने यह कारनामा किया. 

इस पारी ने न केवल भारत को हार से बचाया बल्कि एक ऐसे क्रिकेटर के दौर की शुरुआत हुई, जिसने बाद में क्रिकेट की दुनिया में इतिहास रच दिया. ऐसे में उनके पहले इंटरनेशनल शतक के मौके पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खुद इसको लिए एक पोस्ट किया है.

मैच में भारत की मुश्किल स्थिति

उस टेस्ट मैच में भारत की स्थिति काफी नाजुक थी. इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था लेकिन भारत को आखिरी दिन बल्लेबाजी करके हार टालनी थी. ऐसे में युवा सचिन तेंदुलकर ने कमान संभाली. उन्होंने नाबाद 119 रनों की शानदार पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने मैच ड्रॉ कर लिया. इस पारी में सचिन की तकनीक, धैर्य और परिपक्वता ने सबका ध्यान खींचा. इतनी कम उम्र में इतना शानदार प्रदर्शन क्रिकेट जगत के लिए आश्चर्यजनक था.

सचिन का शुरुआती सफर

सचिन ने केवल 16 साल की उम्र में 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके एक महीने बाद 18 दिसंबर 1989 को उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ही वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा. इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतरना और फिर इतने बड़े मंच पर शतक जड़ना सचिन की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है.

शतकों का शतक और रिकॉर्ड्स की झड़ी

सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए, जिसमें 51 टेस्ट और 49 वनडे में आए. यह उपलब्धि आज भी क्रिकेट इतिहास में बेजोड़ है. इसके अलावा, उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 में मिलाकर 34,000 से ज्यादा रन बनाए, जो एक विश्व रिकॉर्ड है. सचिन ने 24 फरवरी 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में पहला दोहरा शतक जड़कर इतिहास रचा. 2011 में भारत की विश्व कप जीत में भी उनकी भूमिका अहम थी, जिसने उनके बचपन के सपने को पूरा किया.