menu-icon
India Daily

'मेडल आएगा, 50-100 ग्राम में मिलती है खेलने की परमिशन,' विनेश के परिवार ने कहा- टूट गई उम्मीद

भारतीय पहलवान विनेश फोगट के पेरिस ओलंपिक से अयोग्य घोषित होने पर उनके चाचा महावीर फोगाट ने कहा, 'अगर कोई पहलवान 50-100 ग्राम ज़्यादा वज़न का है तो उसे खेलने की अनुमति दी जाती है, मैं उसे अगले ओलंपिक के लिए तैयार करूंगा.'

India Daily Live
'मेडल आएगा, 50-100 ग्राम में मिलती है खेलने की परमिशन,' विनेश के परिवार ने कहा- टूट गई उम्मीद
Courtesy: Social Media

ParisOlympics2024: भारतीय महिला रेसलर विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक 2024 में फीमेल 50 किलो कैटेगरी के फाइनल से ठीक पहले अयोग्य घोषित हो गई हैं. इस खबर से हर कोई हैरान है.सोशल मीडिया पर इसको लेकर बवाल मच गया है. हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहे हैं. दरअसल आज यानी 7 अगस्त को विनेश फोगाट को कुश्ती का फाइनल मैच खेलना था लेकिन मैच से पहले जब उनका वजन चेक किया गया तो 100 ग्राम ज्यादा निकला. जिस वजह से उन्हें गेम से डिसक्वालीफाई कर दिया गया है. विनेश के पास गोल्ड जीतने का सुनहरा मौका था लेकिन अब यह सपना यहीं टूट गया.

वहीं विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित होने से उनके परिवार भी काफी दुखी हैं. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में विनेश के ताऊ महावीर फोगाट ने कहा, 'पूरे देश को पदक की उम्मीद थी, मेरे साथ पूरे देश को दुख है, मुझे पता चला कि उसका वजन ज्यादा था इसलिए उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया है. मेरे पास कहने को कुछ नहीं है'.

'मैं उसे अगले ओलंपिक के लिए तैयार करूंगा...'

महावीर फोगाट ने बताया कि पूरे देश को गोल्ड की उम्मीद थी, नियम तो हैं लेकिन अगर कोई पहलवान 50-100 ग्राम ज़्यादा वज़न का है तो उसे खेलने की अनुमति दी जाती है. मैं देश के लोगों से कहूंगा कि निराश न हों, एक दिन वह ज़रूर मेडल लाएगी. मैं उसे अगले ओलंपिक के लिए तैयार करूंगा.

 

'चैंपियंस की चैंपियन हैं...'

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनेश फोगाट का हौसला बढ़ाया और कहा कि वह चैंपियंस की चैंपियन हैं. सोशल मीडिया एक्स पर पीएम नरेंद्र मोदी लिखा, 'विनेश फोगाट, आप चैंपियंस की चैंपियन हैं. आप भारत का गौरव हैं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं.'

विनेश को कोई भी पदक नहीं मिलेगा

बता दें कि कल यानी मंगलवार को विनेश फोगाट 3 मुकाबले जीतकर ओलिंपिक में फाइनल में पहुंचने वालीं पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थीं. विनेश फोगाट, ओलंपिक से खाली हाथ लौटेंगी. उन्हें कोई भी पदक नहीं मिलेगा. अयोग्य होने की वजह से उन्हें सिल्वर मेडल भी नहीं मिल सकता है.