T20 World Cup 2026

रियान पराग नहीं! संजू सैमसन के बाद ये 2 खिलाड़ी बन सकते हैं राजस्थान रॉयल्स के कप्तान

संजू सैमसन का आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को छोड़ना लगभग तय माना जा रहा है. ऐसे में आइए उन दो खिलाड़ियों के बारे में बात करते हैं, जो आरआर के नए कप्तान बन सकते हैं.

@ImTanujSingh (X)
Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के मेगा ऑक्शन से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) में बड़ा बदलाव होने की खबरें जोरों पर हैं. टीम के लंबे समय के कप्तान संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में जा सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो आरआर को नया कप्तान ढूंढना पड़ेगा. 

कई लोग रियान पराग का नाम ले रहे हैं लेकिन असल में दो युवा खिलाड़ी ज्यादा मजबूत दावेदार हैं. ये हैं ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल. आइए जानते हैं क्यों ये दोनों संजू के बाद कप्तानी के लिए सही विकल्प हो सकते हैं.

संजू सैमसन का राजस्थान से लंबा सफर

संजू सैमसन 2013 से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा हैं. सिर्फ 19 साल की उम्र में उन्हें 2014 सीजन से पहले रिटेन किया गया था. टीम ने दो साल की सस्पेंशन के बाद 2018 में वापसी की और 2021 से कप्तानी संभाली. उनके नेतृत्व में 2022 में आरआर फाइनल तक पहुंची.

संजू ने 67 मैचों में कप्तानी की, जिसमें 33 जीते और 33 हारे. वे टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने कुल 4,027 रन. साथ ही सबसे ज्यादा 50+ स्कोर (25) और कैच (149) भी उनके नाम हैं. 

संजू 2025 में हुए थे बाहर

2024 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया, 531 रन बनाए. हालांकि, 2025 में चोट के कारण सीजन बीच में छोड़ना पड़ा, जिससे टीम नौंवी जगह पर रही. अब संजू नया मौका चाहते हैं इसलिए ट्रेड की बात चल रही है.

ध्रुव जुरेल

ध्रुव जुरेल आरआर के लिए एक उभरता हुआ सितारा हैं. विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर वे टीम इंडिया में भी जगह बना चुके हैं. अगर संजू जाते हैं, तो जुरेल कप्तानी के लिए मजबूत दावेदार होंगे.

जुरेल की बल्लेबाजी आक्रामक है और विकेटकीपिंग शानदार. वे दबाव में शांत रहते हैं. आरआर ने उन्हें युवा खिलाड़ी के रूप में विकसित किया है. कुमार संगकारा जैसे मेंटर के साथ काम करने से उनकी लीडरशिप स्किल्स मजबूत हुई हैं. 

यशस्वी जायसवाल

यशस्वी जायसवाल आरआर के ओपनर हैं और टीम इंडिया के लिए लगातार अच्छा खेल रहे हैं. वे कप्तानी के दूसरे बड़े दावेदार हैं. जायसवाल की बल्लेबाजी विस्फोटक है लेकिन उनमें लीडरशिप की चिंगारी भी है.

आरआर में शामिल होने के बाद से जायसवाल ने खुद को साबित किया है. वे मैच जिताने वाली पारियां खेलते हैं और युवा होने के बावजूद जिम्मेदारी समझते हैं. कप्तानी में अनुभव की कमी हो सकती है लेकिन संजू की तरह वे भी टीम के साथ लंबे समय से जुड़े हैं.