'मेरा यह सपना है कि भारत में...', ओलंपिक में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाले नीरज ने बताया आगे क्या करना है

Neeraj Chopra: पेरिस ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाने वाले नीरज चोपड़ा ने अपने आगे के प्लान के बारे में बताया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी चाहता है कि उनके देश यानी भारत में एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता हो जिसमें वो वैश्विक एथलीट्स के साथ प्रतिस्पर्धा करें.

Social Media
India Daily Live

Neeraj Chopra: पेरिस ओलंपिक 2024 में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाले स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज ने भारत में विश्व स्तीरयी खिलाड़ियों के खिलाफ मैच खेलने की इच्छा जताई है.  नीरज ने ओलंपिक के फाइनल में 89.45 मीटर दूर भाला फेंककर  दूसरा स्थान हासिल किया था. वहीं, पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर दूर थ्रो फेंक कर गोल्ड अपने नाम किया था. यह ओलंपिक के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा जैवलीन थ्रो है. 

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने हासिल किया. उनके लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है. क्योंकि जूलियन वेबर, जैकब वडलेज और जूलियस येगो जाने-माने जैवलीन थ्रोअर को उन्होंने पीछे छोड़कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. 

भारत में इंटरनेशनल प्रतियोगिता चाहते हैं नीरज चोपड़ा

PTI के अनुसार ओलंपिक डॉट कॉम द्वारा आयोजित एक इंटरैक्टिव इवेंट में नीरज चोपड़ा कहा, "भारत में अन्य अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ प्रतिस्पर्धा करना मेरा सपना है. उम्मीद है कि भारत में जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी और मैं ऐसा कर पाऊंगा."

टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज चोपड़ा ने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था. पेरिस में सिल्वर जीतने के बाद वो थोड़ा नाखुश भी दिखे. मैच के बाद उन्होंने कहा हर खिलाड़ी का दिन होता है. आज उनका दिन नहीं था. आज अरशद का दिन था. उन्होंने भविष्य में अपने खेल में सुधार करने की बात भी कही. 

"अपनी टेकनिक तो नहीं बदल पाउंगी लेकिन सुधार जरूर करूंगा"

नीरज चोपड़ा ने कहा - "अब नए सीजन में हम प्रवेश कर रेह हैं. मेरे पास उतना समय नहीं कि मैं अपने टेक्निक को बदल पाऊं. लेकिन मुझे कुछ क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है. खासकर भाला फेंकने की लाइन में. अगर आप सही एंगल से थ्रो करते हैं तो इससे आपको थ्रो में और भी ताकत मिलती है. मैं निश्चित रूप से इस पर काम करूंगा."

शानदार प्रदर्शन कनरे के बावजूद नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था- "ओलंपिक खेलों में देश के लिए एक और पदक जीतना बहुत अच्छा रहा. इस बार पेरिस में हमारा राष्ट्रीय गान नहीं बज पाया. आगे की मेहनत राष्ट्रगान के लिए होगी."