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India Daily

अर्जेंटीना की धरती पर संग्राम सिंह रचेंगे इतिहास. ऐतिहासिक MMA फाइट में लेंगे हिस्सा

संग्राम सिंह ने कहा कि नीदरलैंड और जॉर्जिया की फाइट ने उन्हें पहले से ज़्यादा मैच्योर और संपूर्ण फाइटर बनाने में मदद की है और अब अर्जेंटीना उनके सफर का अगला पड़ाव है, जहां वह अर्जेंटीनावासियों के दिल जीतने के अलावा अपने जीत के क्रम को बरकरार रखने के प्रति कृतसंकल्प हैं.

hemraj
अर्जेंटीना की धरती पर संग्राम सिंह रचेंगे इतिहास. ऐतिहासिक MMA फाइट में लेंगे हिस्सा
Courtesy: @VijaySikriwal X account

नई दिल्ली : एमएमए खेल आइकन संग्राम सिंह के अर्जेंटीना की ज़मीन पर अपनी अगली फाइट की खबर के साथ ही वहां समुराई फाइट हाउस के अध्यक्ष मार्टिन पाकसियाज (Martin Pakciarz) का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे इलाके में रविवार, पांच अप्रैल को उनका फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो से होने वाला मुक़ाबला मुख्य आकर्षण रहने वाला है, जहां युवा जोश और जुनून के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है. संग्राम सिंह इस दिन एमएमए के समुराई फाइट हाउस 28 (SFH 28) के मुख्य मुकाबले में उतरने वाले हैं. किसी भारतीय एमएमए फाइटर का अर्जेंटीना की धरती पर फाइट करने का यह पहला मौका होगा.  

अर्जेंटीना से आया संग्राम पर बड़ा बयान

मार्टिन पाकसियाज़ ने कहा कि जॉर्जिया और नीदरलैंड के एम्सटर्डम में संग्राम ने एमएमए की कला में जो जलवा दिखाया है, उससे अर्जेंटीना के लोगों में उनको लेकर ज़बरदस्त उत्साह है. वहां के लोग यह भी जानने को उत्सुक हैं कि जहां मिट्टी और गद्दे की कुश्ती खूब चर्चा का विषय बनती हो, वहां से इन दोनों तरह की कुश्ती करने वाले संग्राम सिंह ने एमएमए में कैसे अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और उम्र के 40 के पड़ाव को पार करने के बाद भी कोई कैसे एमएमए में सफलता के झंडे गाड़ सकता है. वह भारत में इस खेल के एम्बेसडर हैं. उनकी इस फील्ड में कामयाबी से भारत में भी इस खेल को अलग पहचान मिली है. अर्जेंटीना में संग्राम सिंह की मौजूदगी मील का पत्थर साबित होने वाली है.

मैट का अनुभव काम आया  

पूर्व प्रोफेशनल रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम सिंह  ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानगी ज़ाहिर की थी कि रेसलिंग और एमएमए अलग दुनिया हैं लेकिन उन्हें विश्वास था कि मैट पर सीखा गया अनुशासन, फिटनेस और योद्धा की तरह जुझारूपन से वह एमएमए के मंच पर भी खुद को साबित करने में सफल रहेंगे. उनके हर मुक़ाबले से उनकी खेल कौशल (स्किल) में सुधार हुआ है.

 अब तक का सबसे बड़ा मंच

संग्राम सिंह ने कहा कि नीदरलैंड और जॉर्जिया की फाइट ने उन्हें पहले से ज़्यादा मैच्योर और संपूर्ण फाइटर बनाने में मदद की है और अब अर्जेंटीना उनके सफर का अगला पड़ाव है, जहां वह अर्जेंटीनावासियों के दिल जीतने के अलावा अपने जीत के क्रम को बरकरार रखने के प्रति कृतसंकल्प हैं. अर्जेंटीना में एमएमए फाइट लड़ने वाले पहले भारतीय बनने पर संग्राम सिंह ने कहा कि समुराई फाइट हाउस दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फाइट लीग में से एक है, जहां दुनिया भर के फाइटर हिस्सा लेते हैं. अर्जेंटीना में एसएफएच 28 का हिस्सा बनना और दक्षिण अमेरिकी दर्शकों के सामने उतरना उनके लिए गर्व की बात है. यह अब तक का उनका सबसे बड़ा मंच है  और वह हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहते हैं. उनका प्रोफेशनल रेसलिंग से एमएमए तक का सफर अब तक असाधारण रहा है.

नई चुनौती के लिए तैयार

एसएफएच 28 के लिए संग्राम अपने विश्वसनीय कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं, जिन्होंने उनके एमएमए गेम को नई गहराई दी है. टीम ने उनके ट्रांज़िशन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें. संग्राम सिंह ने कहा कि प्रैक्टिस रिंग और जिम में कोच भूपेश सर के साथ बिताये हर पल ने उन्हें एक नए लेवल तक पहुंचाने का काम किया है. इससे उन्हें एमएमए की बारीकियों को और गहराई से समझने में मदद मिली है.