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Indians at CWG 2026: एक दशक से भारत की उम्मीद मीराबाई चानू, क्या तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीत रचेंगी इतिहास?

मणिपुर की 31 वर्षीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू भारत की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं. दो बार की राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक विजेता चानू अब 48 किग्रा वर्ग में रिकॉर्ड बनाते हुए ग्लासगो 2026 में अपनी हैट्रिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने के इरादे से उतरेंगी.

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Kuldeep Sharma

भारतीय वेटलिफ्टिंग की पहचान बन चुकीं मीराबाई चानू एक बार फिर देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं. कुंजारानी देवी से प्रेरित होकर खेल में आईं चानू ने राष्ट्रीय स्तर पर नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं. अब 31 की उम्र में भी वह आगामी राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत के लिए सबसे बड़ी पदक उम्मीद बनी हुई हैं.

मणिपुर के नोंगपोक काकचिंग गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक छा जाने वाली मीराबाई चानू पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग का मुख्य चेहरा रही हैं. महान खिलाड़ी कुंजारानी देवी से प्रेरणा लेने और कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग करने के बाद, उन्होंने खेल की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 31 वर्ष की उम्र में भी उनका जज्बा कायम है और वह आज भी इस खेल में भारत की सबसे मजबूत और भरोसेमंद दावेदार मानी जाती हैं.

वेटलिफ्टिंग के नए वजन नियमों के बाद मीराबाई ने अब 48 किग्रा वर्ग में वापसी की है. साल 2026 की शुरुआत में ही उन्होंने मोदीनगर में आयोजित नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपना पुराना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 205 किग्रा, 89 किग्रा स्नैच + 116 किग्रा क्लीन एंड जर्क दोहराया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में नए नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिए.


कॉमनवेल्थ गेम्स की बात करें तो मीराबाई का रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है. उन्होंने 2014 ग्लासगो खेलों में रजत पदक से शुरुआत की थी, जिसके बाद 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते. अब वह चौथी बार ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण की हैट्रिक लगाने के लिए उतरेंगी, जिसके तुरंत बाद उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में 49 किग्रा वर्ग का पदक जीतना होगा.