Commonwealth Games 2026

Golden Boot race: एम्बाप्पे से पीछे हुए मेसी, अब गोल्डन बूट जीतने के लिए फाइनल में करना होगा ये काम

FIFA World Cup 2026 के फाइनल से पहले गोल्डन बूट की दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है. लियोनेल मेसी के पास स्पेन के खिलाफ आखिरी मुकाबले में इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है.

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Ashutosh Rai

Spain vs Argentina: अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल सिर्फ ट्रॉफी के लिए नहीं, गोल्डन बूट की जंग के लिए भी बेहद खास होगा. फ्रांस के स्टार काइलियन एम्बाप्पे फिलहाल सबसे आगे हैं लेकिन लियोनेल मेसी के पास अभी भी बाजी पलटने का मौका मौजूद है.

एम्बाप्पे ने बनाई बढ़त

तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ काइलियन एम्बाप्पे ने दो गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली. भले ही फ्रांस ब्रॉन्ज मेडल नहीं जीत सका लेकिन एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी. इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने कुल गोल 21 कर लिए और लियोनेल मेसी के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. दूसरी ओर, अर्जेंटीना के कप्तान मेसी के खाते में अभी आठ गोल और चार असिस्ट हैं. ऐसे में फाइनल से पहले पूरा दबाव अब मेसी पर आ गया है, उन्हें ट्रॉफी के साथ व्यक्तिगत सम्मान के लिए भी बड़ी चुनौती का सामना करना है.

फाइनल में मेसी को ये करना होगा

अगर लियोनेल मेसी को गोल्डन बूट जीतना है, तो उन्हें स्पेन के खिलाफ यादगार प्रदर्शन करना होगा. सबसे आसान रास्ता हैट्रिक का है. अगर मेसी तीन गोल करते हैं, तो उनके कुल 11 गोल हो जाएंगे और वह एम्बाप्पे से आगे निकल जाएंगे. दो गोल भी उन्हें दौड़ में आगे ला सकते हैं लेकिन इसके लिए कम से कम एक असिस्ट भी करना होगा, दोनों खिलाड़ियों के नाम फिलहाल चार-चार असिस्ट दर्ज हैं. तीसरा तरीका मेसी को दो गोल करके 40 मिनट तक बाहर जाना होगा, ये तरीका अर्जेंटीना और मेसी को बिल्कुल भी नहीं भाएगा.


गोल्डन बूट की जंग पर दुनिया की नजर

इस बार गोल्डन बूट की लड़ाई दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच सिमट गई है. एम्बाप्पे ने 769 मिनट खेलकर 10 गोल और चार असिस्ट किए हैं. वहीं मेसी ने 712 मिनट में आठ गोल और चार असिस्ट दर्ज किए हैं. इनके अलावा इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम सात गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं. नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने भी सात गोल किए, हालांकि उन्होंने कम मैच खेले. अब सारी निगाहें अर्जेंटीना और स्पेन के फाइनल पर रहेंगी.