नई दिल्ली: फुटबॉल की दुनिया में अगर किसी एक नाम ने दशकों तक राज किया है, तो वह हैं लियोनल मेसी. अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताने वाले और इंटर मियामी के सुपरस्टार मेसी अब अपने करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं. इसी बीच उन्होंने अपने संन्यास के बाद की जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है.
मेसी ने साफ कर दिया है कि रिटायरमेंट के बाद वह कोच बनने के बजाय फुटबॉल से जुड़े एक अलग रोल में नजर आना चाहते हैं. यानी फुटबॉल के आइकन मेसी ने भविष्य में कोच बनने की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
एक इंटरव्यू के दौरान मेसी ने बताया कि वह खुद को कोच की भूमिका में नहीं देखते. उनके अनुसार कोच बनना उनके स्वभाव से मेल नहीं खाता. हालांकि, फुटबॉल से दूर जाने का उनका कोई इरादा नहीं है.
मेसी का सपना है कि भविष्य में वह अपने खुद के फुटबॉल क्लब के मालिक बनें. वह चाहते हैं कि एक छोटे स्तर से क्लब की शुरुआत करें और उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ाएं. उनका मानना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को सही मंच मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे.
मेसी ने यह भी कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात से मिलेगी कि वे नए और उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दे सकें. उनका फोकस सिर्फ जीत या ट्रॉफी पर नहीं बल्कि युवा प्रतिभाओं के विकास पर होगा.
उनका मानना है कि अगर बच्चों को सही दिशा, संसाधन और मौका मिले, तो वे भविष्य में बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं. यही सोच उन्हें क्लब ओनर बनने की ओर आकर्षित करती है.
दिलचस्प बात यह है कि मेसी ने संन्यास से पहले ही अपने सपनों की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. उन्होंने अपने पुराने साथी और दोस्त लुइस सुआरेज के साथ मिलकर उरुग्वे में एक फुटबॉल क्लब शुरू किया है. यह क्लब फिलहाल निचले डिवीजन में खेल रहा है लेकिन धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. इस क्लब से जुड़े सैकड़ों लोग काम कर रहे हैं और हजारों सदस्य इससे जुड़े हुए हैं, जो मेसी की सोच को जमीन पर उतारने का उदाहरण है.
मेसी ने हाल ही में मेसी कप की शुरुआत भी की है. यह अंडर-16 खिलाड़ियों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है, जिसमें दुनिया भर की फुटबॉल अकादमियां हिस्सा लेती हैं. इस टूर्नामेंट का मकसद युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना और प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार करना है. पहला खिताब एक मशहूर क्लब ने जीता, जिससे यह साफ हो गया कि यह टूर्नामेंट भविष्य में काफी अहम भूमिका निभा सकता है.