'इसको बेडरूम तक ही क्यों नहीं रखते?', ओलंपिक इवेंट की 'अश्लीलता' पर भड़क गईं कंगना रनौत, एलन मस्क ने भी लगाई लताड़
पेरिस ओलंपिक की ओपनिंग सेरेमनी के कुछ दृश्यों को लेकर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है. टेस्ला के मालिक एलन मस्क से लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत तक ने इसकी खूब आलोचना की. कंगना ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि कामुकता को सिर्फ बेडरूम तक ही सीमित क्यों नहीं रख सकते.
26 जुलाई को पेरिस ओलंपिक का रंगारंग आगाज हुआ. ओपनिंग सेरेमनी को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर ओलंपिक इवेंट सेरेमनी की तस्वीरें लगाते हुए कहा कि 'कामुकता और अश्लीलता' को बेडरूम तक ही क्यों सीमित नहीं रख सकते?
पेरिस ओलंपिक के ओपनिंग सेरेमनी के विजुअल्स सोशल मीडिया पर सामने आया है. कई ऐसी तस्वीरें दिखी जिसे लेकर कंगना ने आपत्ति दर्ज की. भव्य आयोजन के दृश्य सामने आने के तुरंत बाद, नेटिजेंस ने इसे 'विवादास्पद' और 'ईशनिंदा' करार दिया.
ओलंपिक सेरेमनी इवेंट की 'अश्लीलीता' पर भड़कीं कंगना
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए, कंगना ने भी इस कृत्य की आलोचना की और ईसाई धर्म का मजाक उड़ाने के लिए आयोजकों की आलोचना की.
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- 'पेरिस ओलंपिक द लास्ट सपर के अपने अति-कामुक, ईशनिंदा वाले प्रस्तुतीकरण में एक बच्चे को शामिल करने के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहा है. प्रदर्शन के दौरान ड्रैग क्वीन में एक बच्चे को शामिल होते देखा जा सकता है. उन्होंने एक नग्न व्यक्ति को नीले रंग में रंग कर यीशु के रूप में दिखाया और ईसाई धर्म का मजाक उड़ाया. वामपंथियों ने ओलंपिक 2024 को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया. यह शर्म की बात है.'
कंगना ने आगे लिखा- 'पेरिस ओलंपिक की ओपनिंग सेरेमनी में सब कुछ समलैंगिकता के इर्द-गिर्द दिखा. मैं इसके खिलाफ नहीं हूं. लेकिन यह मेरी समझ से परे हैं कि कैसे ओलंपिक कामुकता से संबंध रख सकता है. खेलों के इस महाकुंभ में भाग लेने वाले देश और उसके खिलाड़ी क्यों चुप हैं? कामुकता हमारे बेड रूम तक ही सीमित क्यों नहीं रह सकती? इसे क्यों राष्ट्रीय पहचान बनाया जा रहा है.'
एलन मस्क ने भी की आलोचना
सिर्फ कंगना ने ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर एलन मस्क समेत दुनिया के कई बड़े दिग्गजों ने पेरिस ओलंपिक के ओपनिंग सेरेमनी की ओलचना की. मस्क ने इसे ईसाइयों के प्रति अत्यंत अपमानजनक करार दिया.
ओलंपिक इवेंट की अश्लीलता को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स भर-भर कर पोस्ट करके आलोचना कर रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि इस तरह की अश्लीलता को बढ़ावा देने खेल के लिए खतरा है.