एशेज सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, जोश हेजलवुड पहले मैच से हुए बाहर
एशेज सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है और जोश हेजलवुड चोट की वजह से पहले मुकाबले से बाहर हो गए हैं. इससे पहले पैट कमिंस भी इस मुकाबले में चोट की वजह से नहीं खेल पाएंगे.
नई दिल्ली: एशेज सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम को तगड़ा झटका लगा है. टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं. यह मैच पर्थ में खेला जाएगा.
हेजलवुड की गैरमौजूदगी से ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी लाइन-अप कमजोर पड़ गई है. उनसे पहले कप्तान पैट कमिंस भी चोट की वजह से इस मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे और ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी कमजोर दिख रही है.
चोट की वजह और जांच
हेजलवुड को न्यू साउथ वेल्स की शेफील्ड शील्ड टीम के विक्टोरिया के खिलाफ मैच के दौरान परेशानी हुई. गुरुवार को वे मैच से हट गए. शुरुआती स्कैन में कोई गंभीर चोट नहीं दिखी लेकिन दोबारा जांच में हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन की पुष्टि हुई.
Also Read
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बयान जारी कर कहा कि कम ग्रेड की मांसपेशी चोटें कभी-कभी शुरुआती जांच में छिप जाती हैं. इसलिए हेजलवुड पर्थ नहीं जाएंगे और पहले टेस्ट से बाहर हैं.
टीम में बदलाव और नए नाम
हेजलवुड की जगह माइकल नेसर को टीम में शामिल किया गया है. नेसर ने अब तक दो टेस्ट मैच खेले हैं. उनका डेब्यू 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड में हुआ था. नेसर हेजलवुड के साथ-साथ शॉन एबॉट के लिए भी कवर देंगे क्योंकि एबॉट भी उसी मैच में हैमस्ट्रिंग चोटिल हो गए हैं.
कप्तान पैट कमिंस पहले से ही पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं और बाहर हैं. अब पहले चुनी गई तेज गेंदबाजी तिकड़ी में सिर्फ मिशेल स्टार्क ही फिट हैं. स्कॉट बोलैंड कमिंस की जगह पहले से तय थे. अब 31 साल के ब्रेंडन डॉगेट को सरप्राइज डेब्यू का मौका मिल सकता है.
डॉगेट की फॉर्म और उम्मीद
डॉगेट ने अपनी चोट से वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया है. साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए उन्होंने हाल के मैचों में दो बार पांच विकेट लिए हैं. कप्तान कमिंस ने कहा कि डॉगेट पिछले कुछ मैचों में बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं. वे पहले टेस्ट के लिए मजबूत दावेदार हैं. टीम में फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी होना हमेशा अच्छा है.
यह झटका ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा है क्योंकि वे उम्मीद कर रहे थे कि हेजलवुड समय पर फिट हो जाएंगे. अब टीम को नई रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा. एशेज सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है और ऑस्ट्रेलिया घरेलू मैदान पर मजबूत वापसी चाहेगा.