IND vs ENG ODI: जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ विकेट लेकर रचा इतिहास, दिग्गज भारतीय गेंदबाजों को छोड़ा पीछे

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जसप्रीत बुमराह ने 150 वनडे विकेट पूरे कर नया इतिहास रच दिया.

X
Ashutosh Rai

करीब दो साल बाद वनडे क्रिकेट में लौटे जसप्रीत बुमराह ने शानदार अंदाज में अपनी वापसी दर्ज कराई. इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करते ही दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. यह मुकाबला बुमराह के करियर का एक और यादगार दिन बन गया.

150 विकेट के साथ बनाया नया रिकॉर्ड

जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करते ही अपने वनडे करियर के 150 विकेट पूरे कर लिए. यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह भारत के चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए. ब्रूक का विकेट बुमराह के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसके साथ उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. अब उनके नाम इंग्लैंड में 31 वनडे विकेट दर्ज हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड रवींद्र जडेजा के नाम था, जिन्होंने वहां 30 विकेट लिए थे. बुमराह ने अपनी धीमी गेंद से ब्रूक को चकमा दिया और पहली स्लिप में रोहित शर्मा ने आसान कैच लपककर भारत को बड़ी सफलता दिलाई.

सबसे तेज 150 विकेट लेने वालों में तीसरे स्थान पर

बुमराह ने सिर्फ 4605 गेंदों में 150 वनडे विकेट पूरे किए. भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में इस मुकाम तक पहुंचने वाले गेंदबाजों की सूची में वह तीसरे स्थान पर हैं. इस सूची में पहले नंबर पर मोहम्मद शमी हैं, जिन्होंने 4070 गेंदों में यह रिकॉर्ड बनाया था. दूसरे स्थान पर कुलदीप यादव हैं, जिन्होंने 4513 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए. बुमराह ने इस मामले में अजीत आगरकर और इरफान पठान जैसे कई दिग्गज तेज गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया.


भारतीय गेंदबाजी की बड़ी ताकत बुमराह

वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम है, जिन्होंने 334 विकेट हासिल किए थे. तेज गेंदबाजों में जवागल श्रीनाथ 315 विकेट के साथ सबसे आगे हैं. हालांकि मौजूदा दौर में बुमराह लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बन चुके हैं. चोट से वापसी के बाद पहले ही मैच में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत लेकर आया. इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी गेंदबाजी ने यह साफ कर दिया कि वह अभी भी बड़े मुकाबलों में भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं.