menu-icon
India Daily

FIFA World Cup 2026: महायुद्ध के बीच ईरान की फुटबॉल टीम टूर्नामेंट में नहीं लेगी हिस्सा, खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली का बड़ा बयान

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की फुटबॉल टीम ने हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया है...

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
FIFA World Cup 2026: महायुद्ध के बीच ईरान की फुटबॉल टीम टूर्नामेंट में नहीं लेगी हिस्सा, खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली का बड़ा बयान
Courtesy: X

खेल जगत के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. इस गर्मी में अमेरिका की सह-मेजबानी में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की फुटबॉल टीम ने हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया है. ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी टीम किसी भी सूरत में इस मेगा इवेंट का हिस्सा नहीं बनेगी

इस बड़े फैसले के पीछे ईरान के खेल मंत्री ने सुरक्षा कारणों और अमेरिकी सरकार के साथ चल रहे गंभीर राजनीतिक विवादों का हवाला दिया है. खेल मंत्री का आरोप है कि अमेरिका ने उनके शीर्ष नेता की हत्या की है और पिछले कुछ महीनों में ईरान पर युद्ध थोपकर हजारों निर्दोष लोगों की जान ली है, जिसके कारण उनके खिलाड़ियों के लिए अमेरिकी धरती पर खेलना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है.

इन्फेंटिनो और ट्रंप की मुलाकात

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो के बीच 93 दिनों में शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर एक अहम मुलाकात हुई. इस बैठक के दौरान ट्रंप ने साफ किया कि ईरानी टीम के खेलने पर उनकी तरफ से कोई रोक नहीं है और अमेरिका में उनका स्वागत है. इन्फेंटिनो ने भी इस रुख की सराहना करते हुए जोर दिया कि ऐसे आयोजनों की जरूरत है. टूर्नामेंट के शेड्यूल के अनुसार, ईरान को लॉस एंजिल्स और सिएटल के मैदानों पर बेल्जियम, मिस्र और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपने कड़े ग्रुप मैच खेलने थे.

ईरान का खेलना अब लगभग नामुमकिन

खेल विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का खेलना अब लगभग नामुमकिन है.  ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण हालात बेहद पेचीदा हो गए हैं. भले ही फीफा और अमेरिकी प्रशासन खिलाड़ियों को विशेष वीजा उपलब्ध करा दें, लेकिन टीम प्रबंधन से जुड़े सरकारी अधिकारियों का अमेरिका जाना बहुत मुश्किल है. इसका एक बड़ा उदाहरण पिछले साल दिसंबर में देखने को मिला था, जब वाशिंगटन में हुए वर्ल्ड कप ड्रॉ में कई ईरानी अधिकारी शामिल नहीं हो सके थे.

76 सालों में पहली बार होगा ऐसा

अब फुटबॉल जगत के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि ईरान आधिकारिक तौर पर बाहर होता है, तो उनकी जगह कौन लेगा. खेल के इतिहास में पिछले 76 सालों में यह पहली बार होगा जब क्वालीफाई कर चुकी कोई टीम वर्ल्ड कप में खेलने नहीं उतरेगी. यह स्थिति फीफा के लिए भी एक अनसुलझी पहेली बन गई है. खेल विशेषज्ञों का अनुमान है कि एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (AFC) की कोई अन्य मजबूत टीम, जैसे इराक या संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ईरान की जगह ले सकती है.