मैच फिक्सिंग केस में फंसा भारत का U-19 वर्ल्ड कप हीरो, कोर्ट ने जमानत की खारिज; बढ़ीं मुश्किलें
अंडर-19 विश्व कप के पूर्व हीरो को कोलंबो की एक अदालत द्वारा कथित T20 लीग में मैच फिक्सिंग मामले में जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हिरासत में ही रखा जाएगा. जांच का दायरा पांच खिलाड़ियों की शिकायतों तक बढ़ा दिया गया है, जबकि जांचकर्ताओं का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है.
लंका प्रीमियर लीग 2026 से जुड़े कथित मैच फिक्सिंग मामले ने नया मोड़ ले लिया है. भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर और जाफना किंग्स के सह-मालिक मनजोत कालरा की जमानत याचिका को कोलंबो की अदालत ने खारिज कर दिया है. उनके साथ गिरफ्तार भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा भी फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहेंगे. जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की पड़ताल अभी जारी है और कई अहम पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है.
अदालत से नहीं मिली राहत
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असंगा एस. बोदारगामा की अदालत में मनजोत कालरा और युवराज पुष्पा ने जल्द रिहाई की मांग की थी. बचाव पक्ष ने दोनों की स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए चिकित्सा आधार पर जमानत देने की अपील की. हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हिरासत आदेश को बरकरार रखा और जमानत देने से इनकार कर दिया.
जांच अभी पूरी नहीं हुई
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि श्रीलंका पुलिस की खेल अपराध जांच इकाई अभी मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है. अधिकारियों के अनुसार, कई खिलाड़ियों से कथित रूप से मैच प्रभावित करने के लिए संपर्क किया गया था. इसी कारण जांच को आगे बढ़ाना जरूरी माना गया और अदालत ने जांच पूरी होने तक आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया.
Also Read
अब पांच खिलाड़ियों की शिकायत
शुरुआत में तीन श्रीलंकाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने कथित संपर्क की शिकायत दर्ज कराई थी. अब दो घरेलू क्रिकेटर भी इस मामले में शामिल हो गए हैं. इसके साथ शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है.
रिकॉर्डिंग और वीडियो की जांच
अभियोजन पक्ष का दावा है कि जांचकर्ताओं के पास फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और कुछ वीडियो फुटेज मौजूद हैं, जिनकी जांच की जा रही है. दूसरी ओर बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मनजोत कालरा की ओर से किसी खिलाड़ी को रिश्वत देने का कोई ठोस सबूत नहीं है.
जाफना किंग्स में भी हुआ बदलाव
यह पूरा मामला लंका प्रीमियर लीग के छठे सीजन के दौरान सामने आया. इसी बीच वित्तीय दायित्व पूरे नहीं होने का हवाला देते हुए जाफना किंग्स की फ्रेंचाइजी से जुड़ा समझौता भी समाप्त कर दिया गया. इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट और लीग प्रबंधन ने टीम का संचालन अपने हाथ में ले लिया. हालांकि टीम मौजूदा खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट में खेलना जारी रखे हुए है.