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पेरिस ओलंपिक की फाइनलिस्ट विनेश फोगाट करेंगी कमबैक, दिग्गज रेसलर ने वापस लिया संन्यास का फैसला, बताया क्या है नया टारगेट

विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक विवाद के महीनों बाद रेसलिंग में वापसी का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि खेल के प्रति प्यार कभी खत्म नहीं हुआ.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पेरिस ओलंपिक की फाइनलिस्ट विनेश फोगाट करेंगी कमबैक, दिग्गज रेसलर ने वापस लिया संन्यास का फैसला, बताया क्या है नया टारगेट
Courtesy: @Phogat_Vinesh x account

नई दिल्ली: भारतीय पहलवान और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट विनेश फोगाट ने एक बार फिर अखाड़े में वापसी का ऐलान किया है. पेरिस ओलंपिक 2024 की बड़ी विवादित घटना के बाद उन्होंने खेल से दूरी बना ली थी, लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि वे दोबारा प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी और उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजेलिस ओलंपिक है. 

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि पेरिस के बाद वे गहरे मानसिक दबाव और थकान से गुजरीं और उन्हें अपने करियर, सपनों और संघर्षों पर सोचने के लिए समय चाहिए था. विनेश ने लिखा कि लोग उनसे पूछते थे कि क्या पेरिस ही उनके करियर का अंत था, लेकिन वह खुद भी लंबे समय तक इसका जवाब नहीं जानती थीं.

उन्होंने कहा कि वर्षों बाद उन्होंने पहली बार खुद को सांस लेने की अनुमति दी. उन्होंने अपनी ऊंचाइयों, अपने टूटने के पलों, अपनी कुर्बानियों और अपने उन पहलुओं को समझने की कोशिश की जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा. इसी आत्मचिंतन में उन्हें एहसास हुआ कि उनका खेल के प्रति प्यार कभी खत्म नहीं हुआ और वे अब भी मुकाबला करना चाहती हैं.

विनेश ने इस फैसले के बारे में क्या बताया?

विनेश ने बताया कि खेल से दूर रहने के दौरान जज्बा कभी खत्म नहीं हुआ बल्कि थकान और दबाव के शोर में दब गया था. उन्होंने स्वीकार किया कि वापसी का फैसला आसान नहीं था लेकिन उनके भीतर की आग फिर से जलने लगी है. उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि इस बार उनकी प्रेरणा और भी खास है. 

उन्होंने कहा कि अब वे अकेली नहीं हैं क्योंकि उनका बेटा भी उनकी इस नई यात्रा का हिस्सा है और वह उनके लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन और चीयरलीडर है. विनेश ने लिखा कि यह वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि एक मां की भी है जो अपने सपनों को फिर से जीना चाहती है.

क्या है पेरिस 2024 मामला?

पेरिस 2024 के दौरान विनेश एक बड़े विवाद में आ गई थीं. वह फाइनल मुकाबले के दिन महज 100 ग्राम वजन अधिक होने की वजह से डिसक्वालिफाई हो गई थीं जबकि वे पहले ही फाइनल में जगह बना चुकी थीं. यह निर्णय न केवल उनके गोल्ड मेडल के सपने पर भारी पड़ा बल्कि पूरे खेल जगत में बहस का विषय बन गया. इस घटना के बाद उन्होंने रेसलिंग से दूरी बना ली थी.

अब उनके दोबारा लौटने के फैसले ने भारतीय कुश्ती में नई उम्मीद जगा दी है. उनकी वापसी को लेकर प्रशंसकों और खेल विशेषज्ञों में उत्साह है और सभी की नजरें लॉस एंजेलिस ओलंपिक पर टिकी हैं जहां वे एक बार फिर भारत के लिए पदक की दावेदार होंगी.