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टीम को मुझ पर भरोसा नहीं... गॉल टेस्ट के बीच रविंद्र जडेजा का दर्द, 'भेदभाव' को लेकर कही ये बात

रविंद्र जडेजा ने गॉल टेस्ट के दौरान अपनी बल्लेबाजी को लेकर पुराना दर्द साझा किया. उन्होंने बताया कि निचले क्रम में भेजे जाने से कई बार उनका आत्मविश्वास कमजोर हुआ और उन्हें लगा कि टीम को उनकी बल्लेबाजी पर भरोसा नहीं था.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
टीम को मुझ पर भरोसा नहीं... गॉल टेस्ट के बीच रविंद्र जडेजा का दर्द, 'भेदभाव' को लेकर कही ये बात
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रविंद्र जडेजा ने भारतीय टीम में अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि घरेलू क्रिकेट में नंबर-4 पर खेलने के बावजूद भारतीय टीम में उन्हें कई बार नंबर-8 और 9 पर भेजा गया. जडेजा के मुताबिक, इस फैसले का असर उनके आत्मविश्वास पर भी पड़ा.

नंबर-4 से शुरुआत

जडेजा ने बताया कि क्रिकेट करियर की शुरुआत में वह नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते थे. रणजी ट्रॉफी में उनका बल्लेबाजी औसत 60 से ज्यादा रहा है और दलीप ट्रॉफी समेत घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उन्होंने बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया. इसी वजह से उन्हें भरोसा था कि वह ऊपर बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं. हालांकि, भारतीय टीम में आने के बाद उन्हें हमेशा अपनी पसंद का बल्लेबाजी क्रम नहीं मिला. कई मौकों पर उन्हें आठवें या नौवें नंबर पर भेजा गया. जडेजा के मुताबिक, लगातार नीचे बल्लेबाजी करने से उन्हें अपनी बल्लेबाजी को लेकर संदेह होने लगा था.

अश्विन से भी नीचे भेजे जाने पर टूटता था मनोबल

जडेजा ने बताया कि कई बार उन्हें रविचंद्रन अश्विन से भी नीचे बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था. उनके लिए यह स्थिति आसान नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब वह पैड पहनकर ड्रेसिंग रूम में अपनी बारी का इंतजार करते थे और उनके पास कोई तेज गेंदबाज बल्लेबाजी के लिए तैयार हो रहा होता था, तो उन्हें अच्छा महसूस नहीं होता था. उन्हें पहले से अंदाजा हो जाता था कि उनकी बल्लेबाजी की बारी आने से पहले गेंदबाजी की जिम्मेदारी शुरू हो जाएगी. जडेजा के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों का सीधा असर उनके मनोबल और आत्मविश्वास पर पड़ता था. उन्हें लगता था कि शायद टीम उनकी बल्लेबाजी को उतनी अहमियत नहीं दे रही है.

'टीम को मुझ पर भरोसा भी नहीं है?'

जडेजा ने बातचीत में बताया कि उस समय उनके मन में कई सवाल उठते थे. जब उनसे पहले किसी गेंदबाज को बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था, तो उन्हें लगता था कि टीम को उनकी बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा नहीं है. उन्होंने इसी भावना को याद करते हुए कहा कि ड्रेसिंग रूम में तेज गेंदबाज को बल्लेबाजी के लिए तैयार होते देख उनके मन में सवाल आता था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. हालांकि, जडेजा ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से अपनी बल्लेबाजी की क्षमता साबित की थी. उनके अनुसार, भारतीय टीम में मिले निचले बल्लेबाजी क्रम ने कई बार उनके आत्मविश्वास को प्रभावित किया लेकिन उन्होंने समय के साथ अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर लगातार काम किया.