जर्मनी को हराकर भारत ने रचा इतिहास, हॉकी वर्ल्ड कप में 51 साल बाद किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

भारतीय महिला हॉकी टीम ने जर्मनी को 3-1 से हराकर वर्ल्ड कप में पांचवां स्थान हासिल किया.

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Ashutosh Rai

एमस्टेलवीन में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी को 3-1 से मात दी. भारत ने मैच के दूसरे हाफ में लगातार तीन गोल करके मुकाबले की तस्वीर बदल दी. इस जीत के साथ टीम पांचवें स्थान पर रही और एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास भी बढ़ा.

जर्मनी के दबाव के बीच भारत ने संभाला मोर्चा

मैच की शुरुआत में जर्मनी ने गेंद पर ज्यादा पकड़ बनाकर भारत को दबाव में रखने की कोशिश की. भारतीय टीम ने शुरुआत में संभलकर खेलते हुए काउंटर अटैक का सहारा लिया. जर्मनी को पहले हाफ में पेनल्टी कॉर्नर के कुछ मौके भी मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचू देवी और डिफेंस ने खतरे को टाल दिया. दूसरी ओर, नवनीत कौर और कप्तान सलीमा टेटे ने जर्मन गोल पर हमले किए. जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क ने भी कई अच्छे बचाव किए और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा.

दूसरे हाफ में भारत ने दागे तीन गोल

ब्रेक के बाद भारतीय टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आई. खिलाड़ियों ने ज्यादा तेजी से हमला किया और जर्मनी के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया. 43वें मिनट के आसपास इशिका चौधरी ने शानदार रिवर्स-लिफ्ट शॉट लगाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई. इसके कुछ ही मिनट बाद नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर के मौके को गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया. आखिरी क्वार्टर की शुरुआत में नवनीत ने एक और बेहतरीन गोल किया और भारत की बढ़त 3-0 हो गई. इस दौरान ज्योति को घुटने में चोट लगने के कारण मैदान छोड़ना पड़ा लेकिन टीम की रफ्तार नहीं रुकी.


भारत ने रचा इतिहास

तीन गोल से पीछे होने के बावजूद जर्मनी ने हार नहीं मानी और आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया. सविता पूनिया ने कई अहम बचाव करते हुए भारत की बढ़त कायम रखी. 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स ने रिबाउंड पर गोल करके जर्मनी की वापसी की उम्मीद जगाई लेकिन भारत ने इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया. अंतिम सेकंड में जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, भारतीय खिलाड़ियों ने उसे रोक दिया. 3-1 की जीत के साथ भारत पांचवें स्थान पर रहा, जो 1974 में चौथे स्थान के बाद उसका वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.