13 साल पुराने गोलीकांड में लॉरेंस की पेशी, साबरमती जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग; फिर नहीं आया गवाह

चंडीगढ़ के DAV कॉलेज में 2012 के हिंसक झड़प और गोलीकांड मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई. गवाहों की गैरहाजिरी के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: सेक्टर-10 स्थित DAV कॉलेज में करीब 14 साल पहले हुए हिंसक विवाद का मामला अब भी अदालत में लंबित है. इस केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में सुनवाई चल रही है. मंगलवार को उसे गुजरात की साबरमती जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया. हालांकि, मामले से जुड़े गवाह दोबारा अदालत नहीं पहुंचे, जिससे सुनवाई एक बार फिर आगे नहीं बढ़ सकी.

मंगलवार की सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई. वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. अदालत में उसकी मौजूदगी दर्ज हुई, लेकिन गवाहों की अनुपस्थिति के कारण मामले में आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी. अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की है.

गवाहों की गैरहाजिरी बनी अड़चन

इस मामले में शिकायतकर्ता और गवाह लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं. बताया गया है कि कई बार समन भेजने के बावजूद वे अदालत तक नहीं पहुंच रहे हैं. गवाहों की गैरहाजिरी के कारण केस की सुनवाई लगातार प्रभावित हो रही है. अदालत अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया को लेकर अगली तारीख पर सुनवाई करेगी.


12 जून 2012 को हुआ था विवाद

यह मामला 12 जून 2012 की घटना से जुड़ा है. उस समय DAV कॉलेज में स्टार नाइट कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं. इसी दौरान PUSU और SOPU समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों ने PUSU समर्थकों पर हमला किया और गोलीबारी की. घटना में छात्र चरणदेव सिंह को गोली लगी थी.

पांच आरोपितों पर दर्ज हुआ था केस

गोलीकांड के बाद पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया था. वर्ष 2014 में साक्ष्यों के अभाव में चार आरोपितों को अदालत ने बरी कर दिया था. इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही. अब गवाहों की गैरहाजिरी इस केस में सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है.

21 सितंबर को फिर होगी सुनवाई

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की है. उस दिन गवाहों की मौजूदगी और केस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में अब तक चार आरोपित बरी हो चुके हैं, जबकि लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ कार्यवाही जारी है. गवाहों के अदालत पहुंचने के बाद ही मामले की सुनवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है.