अहमदाबाद के वीर सावरकर कॉम्प्लेक्स में रविवार को इतिहास लिखा गया. भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने तीसरे स्थान के मुकाबले में मौजूदा चैंपियन बहरीन को हराकर AVC मेन्स कप 2026 का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. यह इस टूर्नामेंट में भारत का पहला पदक है.
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए शुरुआती पांच अंक अपने नाम किए. हालांकि, बहरीन ने बीच में वापसी की और भारत की कुछ गलतियों का फायदा उठाया लेकिन टीम ने अपना आक्रामक खेल जारी रखा. चतुराई से चैलेंज का इस्तेमाल करते हुए जो के शानदार स्पाइक ने पहला सेट 25-23 से भारत की झोली में डाल दिया. दूसरे सेट में बहरीन ने ड्रॉप शॉट्स और स्पाइक के मिले-जुले खेल से वापसी करते हुए 1-1 की बराबरी कर ली, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया.
तीसरे सेट में भारत ने फिर से शुरुआती पांच अंक लेकर दबाव बनाया. कप्तान जेरोम के आक्रामक खेल और लिबेरो आनंद की बेमिसाल डिफेंस से भारत 13-5 से आगे हो गया. बहरीन ने 15-12 तक का सफर तय करते हुए वापसी की कोशिश की लेकिन एरिन के एक ऐसे ऐस शॉट ने माहौल बदल दिया जिसमें गेंद लाइन पर लगने के बाद छत तक जा पहुंची. पूरे स्टेडियम में दर्शकों का जो जोश फूटा वह मैच का सबसे यादगार पल बन गया और भारत ने 25-21 से सेट जीत लिया.
चौथे सेट में चिराग की सटीक सर्विस और कप्तान जेरोम व शिखर के दमदार आक्रामक खेल ने बहरीन को कोई मौका नहीं दिया. भारत ने सेट और मैच दोनों जीतते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. वर्ल्ड रैंकिंग में 58वें से 42वें नंबर पर पहुंची इस टीम ने टूर्नामेंट में सभी पांच ग्रुप मैच जीते और पहली बार नॉकआउट में पहुंचकर पहला पदक जीता. 2023 में एक भी मैच न जीत पाने वाली टीम का यह सफर अपने आप में एक प्रेरणादायक कहानी है.