9 साल में पूरी बदल गई टीम इंडिया, श्रीलंका दैरे पर 2017 के सिर्फ 3 धुरंधर साथ

भारत नौ साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने उतरा है. आज से 9 साल पहले जब भारत 2017 में टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका दौरे पर थी तब टीम ने एकतरफा अंदाज में मेजबान टीम को हराया था.

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Meenu Singh

भारतीय टीम फिलहाल 2 मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका के दौरे पर है. 15 अगस्त से सीरीज का आगाज होगा. भारत करीब 9 सालों के बाद किसी टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका के दौरे पर है. यह नौ साल में टीम में आए बड़े बदलावों की तस्वीर भी दिखाता है. 

2017 में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम श्रीलंका पहुंची थी, जबकि अब शुभमन गिल नेतृत्व कर रहे हैं. उस समय रोहित शर्मा टेस्ट टीम का हिस्सा थे और ऋषभ पंत ने अपना टेस्ट पदार्पण भी नहीं किया था. आज टीम में युवा चेहरों के साथ कुछ अनुभवी खिलाड़ी ही पुराने दौर की कड़ी हैं. इन नौ सालों में केवल तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जोकि पुरानी टीम की कड़ी हैं. 

2017 से 2026 तक बदल गई टीम

नौ साल के अंतराल में भारतीय टेस्ट क्रिकेट का चेहरा काफी बदल चुका है. विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज अब टेस्ट क्रिकेट से दूर हैं. ऋषभ पंत भी 2017 में टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन आज वह टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं. मौजूदा भारतीय दल में कई खिलाड़ी पहली बार श्रीलंका की धरती पर टेस्ट खेलेंगे. कप्तान शुभमन गिल भी यहां अपना पहला टेस्ट मुकाबला खेलेंगे.


राहुल के कंधों पर अनुभव की जिम्मेदारी

केएल राहुल ऐसे खिलाड़ी हैं जोकि पुरानी और नए टीम की कड़ी हैं. राहुल 2017 में भी टीम का हिस्सा थे और वह अभी टीम के अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं. तब वह अपने करियर के शुरुआती दौर में थे और टीम में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे. अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. राहुल टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उनकी तकनीक और शांत रवैया श्रीलंकाई परिस्थितियों में भारत के लिए अहम साबित हो सकता है. मुश्किल परिस्थितियों में लंबी पारी खेलने की उनकी क्षमता टीम को मजबूती देगी.

जडेजा अब भी टीम के बड़े हथियार

रविंद्र जडेजा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं जो 2017 से अब तक भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाए हुए हैं. पिछले नौ सालों में उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में खुद को और प्रभावी बनाया है. मैदान पर उनकी चुस्ती भी टीम के लिए अतिरिक्त फायदा है. उम्र बढ़ने के बावजूद जडेजा की उपयोगिता कम नहीं हुई है. श्रीलंका की परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी निर्णायक भूमिका निभा सकती है.

कुलदीप के सामने बड़ी चुनौती

कुलदीप यादव भी 2017 के दौरे से मौजूदा टीम तक पहुंचे तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं. उस समय वह टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे थे, लेकिन अब उनका अनुभव काफी बढ़ चुका है. रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद स्पिन विभाग में कुलदीप की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है. श्रीलंकाई पिचों पर उनकी विविधता और गेंद को घुमाने की क्षमता मेजबान बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

साल 2017 टीम इंडिया स्क्वाड

विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, अभिनव मुकुंद, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, हार्दिक पांड्या, रिद्धिमान साहा (विकेट कीपर), केएल राहुल (विकेट कीपर) रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, उमेश यादव, इशांत शर्मा, रोहित शर्मा, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी

साल 2026 टीम इंडिया स्क्वाड

शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, केएल राहुल (विकेट कीपर), ऋषभ पंत (विकेट कीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, मानव सुथार, सारांश जैन, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे