भारत को CWG 2026 में दूसरा मेडल मिला, Rishikanta ने Weightlifting में जीता सिल्वर

भारत के वेटलिफ्टर चनंबम ऋषिकंत सिंह ने Commonwealth games 2026 के पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने स्नैच में गेम्स रिकॉर्ड बनाया और इसके साथ ही भारत को अपना दूसरा मेडल मिला.

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Ashutosh Rai

Commonwealth games 2026 में भारत के Rishikanta ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने Weightlifting में सिल्वर मेडल जीता. इसके साथ ही भारत की Medal Tally में इजाफा हुआ है. अब भारत के पास 2 मेडल हो गए हैं. मणिपुर के चनंबम ऋषिकंत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने स्नैच में रिकॉर्ड बनाया लेकिन आखिरी लिफ्ट में चूकने के कारण गोल्ड से थोड़ा दूर रह गए.

स्नैच राउंड में बनाया नया रिकॉर्ड

मुकाबले की शुरुआत स्नैच राउंड से हुई, जहां ऋषिकंत सिंह ने पहले ही प्रयास में 116 किलोग्राम वजन उठाकर मजबूत शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 121 किलोग्राम वजन उठाया और कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. हालांकि मलेशिया के मोहम्मद अनिक बिन कस्डन ने भी 121 किलोग्राम उठाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. स्नैच राउंड खत्म होने तक दोनों खिलाड़ियों का स्कोर बराबर था और गोल्ड मेडल की दौड़ पूरी तरह खुली हुई थी. भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास शानदार दिख रहा था और उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ गई थीं.

क्लीन एंड जर्क में बदला मुकाबले का रुख

क्लीन एंड जर्क राउंड में मुकाबला और रोमांचक हो गया. ऋषिकंत ने अपने पहले प्रयास में 143 किलोग्राम वजन आसानी से उठाया और कुल 264 किलोग्राम के साथ बढ़त हासिल कर ली. इसके तुरंत बाद मलेशिया के अनिक ने 145 किलोग्राम उठाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया. ऋषिकंत ने दूसरे प्रयास में 148 किलोग्राम उठाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सके. इसके बाद उन्होंने आखिरी प्रयास के लिए 151 किलोग्राम का वजन चुना. पूरे भारतीय दल की नजरें इस लिफ्ट पर थीं लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर पाए और गोल्ड जीतने का सपना अधूरा रह गया.


भारत के खाते में पहला सिल्वर मेडल

अंत में चनंबम ऋषिकंत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम वजन के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया. मलेशिया के मोहम्मद अनिक बिन कस्डन ने कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीत लिया. केन्या के जोशुआ अमूंगा म्बोया ने कुल 260 किलोग्राम वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.