नई दिल्ली: युवा क्रिकेटर आयुष बडोनी ने हाल ही में भारतीय एकदिवसीय टीम में अपनी पहली कॉल-अप पाई. वह वर्तमान में न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की सीरीज का हिस्सा हैं. आयुष ने खुद बताया कि करीब दो साल पहले उन्होंने गेंदबाजी शुरू करने का फैसला किया, जो उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ. इस फैसले के चलते वह सिर्फ बल्लेबाज नहीं बल्कि एक भरोसेमंद ऑलराउंडर बन गए.
आयुष बडोनी को टीम इंडिया में मौका तब मिला जब पहले मैच में वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए. इसके बाद उन्हें अगले मैच में शामिल किए जाने की संभावना बढ़ी. दूसरी तरफ, हाल के अच्छे प्रदर्शन और मेहनत को देखते हुए आयुष को उम्मीद है कि निर्णायक मुकाबले में उन्हें खेलने का मौका मिल सकता है.
बीसीसीआई टीवी के एक वीडियो में आयुष ने बताया कि जब उन्हें चयन की खबर मिली, तो वह दिल्ली टीम के साथ क्वार्टर फाइनल मैच के लिए तैयार थे. उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा एहसास था और वह बहुत आभारी हैं कि उन्हें यह अवसर मिला. हालांकि, रात में फोन आने के कारण वह तुरंत अपने परिवार को खबर नहीं दे पाए. सुबह जब जानकारी परिवार को मिली, तो उनका जोश और गर्व देखते ही बनता था.
आयुष ने यह भी साझा किया कि टीम में सभी खिलाड़ियों और कोच ने उनका बहुत अच्छे से स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों के साथ पहले खेला है और अब दोबारा मिलकर बहुत अच्छा लगा.
आयुष ने कहा कि पहले उनका पूरा ध्यान केवल बल्लेबाजी पर था, लेकिन पिछले दो साल से उन्होंने गेंदबाजी पर खास मेहनत की. उनका मानना है कि ऑलराउंडर बनने का यही फायदा हुआ कि टीम में उन्हें जगह मिली. उन्होंने कहा, 'मैंने दिल्ली के लिए बहुत बॉलिंग की और विकेट लिए. यही मेहनत अब टीम इंडिया में मेरी मदद कर रही है.'
आयुष बडोनी अब टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उत्साहित हैं. उनका मानना है कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में योगदान देकर वह टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं. निर्णायक मुकाबले में उनका प्रदर्शन टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.