न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में कैसा रहेगा मौसम? तेज गेंदबाजों की स्पीड या स्पिनर्स की फिरकी का दिखेगा जादू? देखें मौसम और पिच रिपोर्ट

भारत और न्यूजीलैंड की पहले वनडे मैच के लिए आज वडोदरा में एक-दूसरे का सामना करेंगी. इस मुकाबले से पहले आइए जानते हैं कि वहां की पिच और मौसम कैसा रहने वाला है.

@BCCI
Praveen Kumar Mishra

वडोदरा: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज होने जा रहा है. सीरीज का पहला मुकाबला वडोदरा में खेला जाएगा. इस मैच को लेकर फैंस के मन में कई सवाल हैं किमौसम कैसा रहेगा, पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार होगी या गेंदबाजों के लिए और किस तरह का खेल देखने को मिल सकता है. 

भारतीय टीम इस सीरीज में मजबूत नजर आ रही है. कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है लेकिन इसके बावजूद टीम संतुलित दिखती है. बल्लेबाजी में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मेल देखने को मिलेगा. वहीं गेंदबाजी में तेज और स्पिन दोनों विकल्प मौजूद हैं.

वडोदरा की पिच का मिजाज कैसा रहेगा?

पहला वनडे वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेला जाएगा. यह मैदान बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जा रहा है. यहां की पिच आमतौर पर सपाट रहती है, जहां गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है. ऐसे में बड़े स्कोर की उम्मीद की जा सकती है.

शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिल सकता है. स्पिनर्स को यहां बहुत ज्यादा टर्न मिलने की संभावना कम है लेकिन सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करने वाले स्पिनर असर डाल सकते हैं.

तेज गेंदबाज या स्पिनर, किसका चलेगा जादू?

इस पिच पर तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रहेगी खासकर नई गेंद से. अगर गेंदबाज सही गति और उछाल का इस्तेमाल करे तो विकेट निकाल सकते हैं. वहीं दूसरी पारी में ओस के कारण गेंद गीली हो सकती है, जिससे स्पिनर्स के लिए गेंद पकड़ना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि तेज गेंदबाज ज्यादा प्रभावी नजर आ सकते हैं, जबकि स्पिनर्स को अपनी विविधता से बल्लेबाजों को चकमा देना होगा.

वडोदरा का मौसम देगा पूरा साथ

मौसम की बात करें तो वडोदरा में मैच के दिन मौसम साफ रहने की संभावना है. बारिश की कोई आशंका नहीं है, जिससे फैंस को पूरा मुकाबला देखने को मिलेगा. दिन में हल्की गर्मी रह सकती है लेकिन शाम होते-होते मौसम सुहावना हो जाएगा.

रात के समय ओस गिरने की संभावना है, जो दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए चुनौती बन सकती है. इसी वजह से टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है.