'सिर्फ खिलाने से नहीं होगा काम...!' आकाश चोपड़ा का टीम इंडिया पर बड़ा सवाल, आखिर वाशिंगटन सुंदर के साथ हो क्या रहा है?

आयरलैंड से मिली हार के बाद कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे. इसी मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व भारत के पूर्व दिग्गज ने टीम प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने  स्टार ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के टीम में रोल को लेकर सवाल  उठाए. 

X (@Shailu_15Jul)
Meenu Singh

नई दिल्ली: आयरलैंड के खिलाफ चल रही दो मैचों की सीरीज में भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही. 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में भारतीय टीम जीत हासिल करने में नाकाम रही और 34 रनों से हार गई. आयरलैंड ने पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच आसानी से जीतकर सीरीज में बढ़त बना ली. 

आयरलैंड से मिली हार के बाद कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे. इसी मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व भारत के पूर्व दिग्गज ने टीम प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने  स्टार ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के टीम में रोल को लेकर सवाल  उठाए. 

सुंदर के रोल पर उठे सवाल 

दरअसल दिग्गज कमंटेटर आकाश चोपड़ा भारतीय टीम  प्रबंधन से सवाल किया कि स्टार ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को टीम में किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि, 'हम वाशी के साथ क्या कर रहे हैं? हम उन्हें खिला तो रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से खिला नहीं रहे हैं. मौका देने का मतलब सिर्फ खिलाना नहीं होता. मौका देने का मतलब है कि आपको पर्याप्त ओवर दिए जाएं, सही क्रम में बल्लेबाजी कराई जाए, थोड़ी बड़ी भूमिका दी जाए, और वह भूमिका स्पष्ट रूप से निर्धारित होनी चाहिए. अगर भूमिका स्पष्ट रूप से परिभाषित न हो तो खिलाड़ी कई बार इन उलझनों में ही खो जाता हैृ.'


आयरलैंड के खिलाफ डाला सिर्फ एक ओवर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाशिंगटन सुंदर ने इस मैच में केवल एक ही ओवर फेंका, जिसमें उन्होंने 19 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया. इसके अलावा, रन चेज़ में वह 12 गेंदों पर नौ रन बनाकर आउट हो गए और बल्ले से भी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए. इस तरह टीम में सुंदर के होने तक पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. 

नहीं मिलता पूरा स्पेल डालने का मौका 

आकाश ने सुंदर के गेंदबाजी योगदान की ओर इशारा किया. इसके अलावा, उन्होंने सुंदर के गेंदबाज़ी के आंकड़ों की ओर इशारा किया. उन्होंने बताया कि गेंदबाज़ी में अच्छे आंकड़े होने के बावजूद, सुंदर को अधिकतर मौकों पर पूरा स्पेल डालने का मौका नहीं दिया जाता है. जिस कारण टीम उनकी काबिलियत का समूचित फायदा नहीं उठा पा रही है. 

कमेंटेटर ने कहा कि 'गेंदबाजी की बात करें तो, उन्होंने 61 मैचों में 51 विकेट लिए हैं, जो बुरा नहीं है, और उनकी इकॉनमी भी लगभग सात है, जो बहुत अच्छी है. औसत भी ठीक-ठाक है, लेकिन वे प्रति मैच औसतन तीन ओवर से भी कम गेंदबाजी करते हैं. उन्हें गेंदबाजी के लिए बिल्कुल भी न उतारा जाए.'