IND vs ENG: 'बैजबॉल' शब्द से कोच ब्रेंडन मैकुलम को नफरत, Ben Stokes ने किया बड़ा खुलासा
IND vs ENG 2nd Test: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने बैजबॉल को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने साफ कर दिया है उनकी टीम इससे दूर रहने की कोशिश करती है.
IND vs ENG 2nd Test: इंग्लैंड की टीम इन दिनों भारतीय दौरे पर है. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में उसने भारत को 28 रनों से शिकस्त दी है. अब दूसरा मुकाबला 2 फरवरी से होगा. इससे पहले इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड की बैजबॉल अप्रोच पर खुलकर बात की है. उन्होंनें साफ कर दिया जितना होता है उनकी टीम इस शब्द से दूर रहती है. यहां तक की कोच ब्रेंडन मैकुलम इस शब्द से नफरत करते हैं...
क्या है बैजबॉल
दरअसल, इंग्लैंड की आक्रामण बैटिंग रणनीति को ‘बैजबॉल’ नाम दिया गया है. इसे मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के उपनाम ‘बैज’ पर बनाया गया है. जिसके तहत इंग्लैंड को पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा सफलता मिली है.
बैजबॉल पर क्या बोले बेन स्टोक्स
बेन स्टोक्स ने जियो सिनेमा को दिए एक इंटरव्यू में बैजबॉल पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा 'यह एक फ्रेज है, जिसे मीडिया ने बनाया है. कुछ ऐसे जिसे हम ट्राई करते हैं और उससे दूर रहते हैं. हम पिछले 2 सालों में जो करने में कामयाब हुए हैं और हमने जैसा खेला, उसकी वजह से यह बैजबॉल आया है. जरूरी नहीं कि हम इसे पसंद करें. बैज (ब्रेंडन मैकुलम) को इससे नफरत है. जब भी यह शब्द सामने आता है, हम बस यह कहने की कोशिश करते हैं कि इंग्लैंड ऐसे ही टेस्ट क्रिकेट खेलता है.'
कप्तानी के बारे में ज्यादा आकांक्षा नहीं थी
2022 से इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे बेन स्टोक्स ने कहा 'ईमानदारी से कहूं तो यह कुछ ऐसा है, जिसे लेकर मेरी कभी कोई आकांक्षा नहीं या मैने वाकई में इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा. एज ग्रुप क्रिकेट या किसी अन्य स्तर पर कप्तानी या किसी भी चीज को लेकर मुझ पर वास्तव में बहुत अधिक जिम्मेदारी नहीं थी, डरहम एकेडमी में मुझे थोड़ा अनुभव मिला, यह अवसर मेरे सामने आया और यह कुछ ऐसा था, जिसे मैं ठुकरा नहीं सकता था.'
कप्तानी का लुत्फ उठा रहा हूं
बेन स्टोक्स कहते हैं कि कप्तानी एक ऐसी भूमिका है, जिसमें मैने बहुत कुछ सीखा है. इसका मैने वास्तव में लुत्फ उठाया है. मुझे इसके साथ आने वाली हर एक चीज पसंद है, जिसमें अलग-अलग एंगल से लोगों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी है, क्योंकि एक टीम गेम में आपके पास बहुत सारे लोग होते हैं और हर कोई एक जैसा नहीं होता है. इससे मुझे एक व्यक्ति के रूप में परिपक्व होने में मदद मिली.