IND vs AUS: पर्थ में फ्लॉप होने के बाद रोहित-विराट दूसरे वनडे मैच से होंगे बाहर! टीम इंडिया के कोच ने किया कंफर्म

IND vs AUS, Rohit Sharma-Virat Kohli: रोहित शर्मा और विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए पहले वनडे के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी. हालांकि, वे इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके थे और ऐसे में अब दूसरे वनडे से पहले रोहित और विराट को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है.

X
Praveen Kumar Mishra

IND vs AUS, Rohit Sharma-Virat Kohli: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच पर्थ में भारत के लिए निराशाजनक रहा. इस मैच में भारत को सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा. खास तौर पर टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बड़ा बयान दिया है. 

पहले वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे थे. सात महीने के ब्रेक के बाद दोनों खिलाड़ी मैदान पर उतरे लेकिन उनका बल्ला खामोश रहा. रोहित शर्मा जोश हेजलवुड की उछाल लेती गेंद पर दूसरी स्लिप में कैच आउट हुए, जबकि विराट कोहली मिचेल स्टार्क की गेंद पर पॉइंट पर कैच दे बैठे. दोनों ही बल्लेबाज पिच पर ज्यादा समय नहीं टिक पाए, जिससे भारतीय पारी को बड़ा झटका लगा.

सितांशु कोटक ने दिया बड़ा बयान

मैच में बारिश के बार-बार रुकावट ने भी भारतीय बल्लेबाजों की लय को प्रभावित किया. कोच सितांशु कोटक ने बताया कि बारिश के कारण बल्लेबाजों को अपनी लय और गति बनाए रखने में मुश्किल हुई. उन्होंने कहा, "बारिश की वजह से हर दो ओवर बाद खेल रुक रहा था. इससे बल्लेबाजों का रिदम टूटा. अगर ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करती, तो शायद उन्हें भी ऐसी ही परेशानी होती."

रोहित और विराट की तैयारी पर कोच का भरोसा

पहले मैच में खराब प्रदर्शन के बावजूद कोच सितांशु कोटक ने रोहित और विराट का बचाव किया. उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने सीरीज से पहले अच्छी तैयारी की थी. कोटक ने बताया, "रोहित और विराट ने आईपीएल खेला था और ऑस्ट्रेलिया आने से पहले पूरी तैयारी की थी. हमने नेशनल क्रिकेट एकैडमी (NCA) से उनकी ट्रेनिंग के वीडियो देखे थे. दोनों की फिटनेस और तैयारी शानदार थी."

कोटक ने यह भी कहा कि "रोहित और विराट जैसे खिलाड़ी, जो एक दशक से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, उन्हें अपनी प्रक्रिया पर भरोसा होता है. हमें उनके खेल में ज्यादा दखल देने की जरूरत नहीं है. अगर वे सही दिशा में काम कर रहे हैं, तो हमें धैर्य रखना चाहिए."