West Bengal Assembly Election 2026

केरलम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस ने पहली लिस्ट की जारी, इस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ

केरलम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने तारीख का ऐलान कर दिया है. इसके बाद राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. इस बीच कांग्रेस ने 55 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है.

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Anuj

नई दिल्ली: केरलम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बीच कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपने 55 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी ने इस सूची में कई अनुभवी और नए चेहरों को शामिल किया है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है.

कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ को पेरावूर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के बेटे को पुत्थुपल्ली सीट से टिकट दिया गया है. इसके अलावा पूर्व सांसद राम्या हरीदास को चिरायिंकीझु सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है. 

कांग्रेस की पहली लिस्ट

अन्य उम्मीदवारों की बात करें तो धर्मदाम सीट से अब्दुल रशीद, थालास्सेरी से के.पी. साजू और मनन्थावडी (एसटी) से उषा विजयन को टिकट दिया गया है. वहीं, नदापुरम से के.एम. अभिजित, बलुस्सेरी (एससी) से वीटी सूरज और इलाथुर से विद्या बालकृष्णन को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस का कहना है कि उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन और स्थानीय समीकरणों का खास ध्यान रखा गया है.

बीजेपी ने 47 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारी को धार देते हुए 47 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी थी. पार्टी ने इस बार अनुभवी दिग्गजों और युवा चेहरों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है. 140 सीटों वाले इस चुनावी महासमर में बीजेपी अपने कद्दावर नेताओं को उतारकर दक्षिण के इस राज्य में अपनी सियासी जमीन को और अधिक मजबूत करने के इरादे से मैदान में है.

9 अप्रैल को होगी वोटिंग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि केरल में 9 अप्रैल को चुनाव होगा और नतीजे 4 मई को आएंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई बड़े कदम उठाए हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसके तहत प्रत्येक पात्र मतदाता को मतदाता सूची में बनाए रखने और अपात्र मतदाता को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की गई है.