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निकोलस पूरन ने बल्लेबाज को जानबूझकर नहीं किया आउट, वीडियो में देखें विपक्षी टीम ने कैसे लिया बदला?

अबू धाबी में आईएल टी20 2025 जारी है और यहां पर एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला. इसमें निकोलस पूरन ने बल्लेबाज को स्टंप ऑउट करने का मौका जानबूझ कर गंवा दिया.

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Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: ILT20 लीग में एक ऐसा नजारा देखने को मिला कि क्रिकेट फैंस हैरान रह गए. MI एमिरेट्स के कप्तान और विकेटकीपर निकोलस पूरन ने डेजर्ट वाइपर्स के बल्लेबाज मैक्स होल्डन को स्टंपिंग का एकदम आसान मौका होने के बावजूद जानबूझकर आउट नहीं किया. 

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया और लोग दो हिस्सों में बंट गए कोई इसे चालाकी बता रहा है, तो कोई खेल भावना के खिलाफ. बता दें कि ये लीग अबूधाबी में खेली जा रही है.

क्या हुआ था मैदान पर?

मैच में डेजर्ट वाइपर्स की टीम 15.5 ओवर तक सिर्फ 117/1 पर थी. मैक्स होल्डन नंबर-3 पर बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 36 गेंदों में सिर्फ 42 रन बना पाए थे. टीम को तेजी से रन चाहिए थे पर होल्डन रन गति बिल्कुल नहीं बढ़ा पा रहे थे.

इसके बाद16वें ओवर की आखिरी बॉल राशिद खान ने छोटी और थोड़ी वाइड गेंद फेंकी. होल्डन क्रीज से बाहर निकलकर शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद तक नहीं पहुंच पाए. निकोलस पूरन ने गेंद आराम से पकड़ी स्टंपिंग का इससे आसान मौका शायद ही मिलता है. हालांकि, पूरन ने कुछ नहीं किया. बस गेंद हाथ में रखी और होल्डन को क्रीज में वापस आने दिया.

अगले ओवर में दिखा हैरान करने वाला नजारा

अगले ही ओवर की शुरुआत से पहले डेजर्ट वाइपर्स ने मैक्स होल्डन को रिटायर्ड आउट कर दिया. यानी टीम ने खुद ही उन्हें पवेलियन भेज दिया ताकि सैम करन जैसे धुआंधार बल्लेबाज मैदान पर आ सके. 

उसके बाद शिमरॉन हेटमायर और डैन लॉरेंस ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और टीम 159/4 तक पहुंच गई. आखिर में वाइपर्स ने यह मैच 1 रन से जीत भी लिया.

यहां पर देखें वीडियो-

कानून के हिसाब से सब सही

विकेटकीपर को स्टंपिंग करना जरूरी नहीं है वह चाहे तो न भी करे. टीम किसी भी बल्लेबाज को टैक्टिकल वजह से रिटायर्ड आउट कर सकती है. यानी निकोलस पूरन ने जो किया वह 100% कानूनी तौर पर पूरी तरह सही था. उनकी टीम को फायदा यह हुआ कि एक धीमा बल्लेबाज मैदान पर बना रहा, रन रेट नहीं बढ़ा और बाद में उसे बदल भी दिया गया.

लोग क्यों नाराज हैं?

कई लोगों को लगा कि यह खेल भावना के खिलाफ है. कुछ ने तो मैच फिक्सिंग तक की बात कह दी. हालांकि, सच यह है कि फ्रैंचाइजी क्रिकेट में टीम हर वो फायदा उठाना चाहती है जो नियम कहते हैं.