इंग्लैंड के पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को मिला भारत का वीजा, ICC को देना पड़ा दखल!

पाकिस्तानी मूल के इंग्लिश खिलाड़ी को भारत का वीजा मिल गया है. बता दें कि इंग्लैंड की टीम में कई पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं और आईसीसी के कदम उठाने के बाद उन्हें वीजा मिल गया है.

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Praveen Kumar Mishra

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक बार फिर वीजा प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभानी पड़ी है. आगामी टी20 वर्ल्ड कप भारत में आयोजित होना है और इसमें हिस्सा लेने वाले कई खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं. ऐसे में भारत आने के लिए वीजा प्रक्रिया सामान्य से अधिक समय लेने वाली होती है. इसी वजह से आईसीसी को दखल देना पड़ा ताकि टूर्नामेंट से पहले कोई अड़चन न आए.

इंग्लैंड की टीम में शामिल पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को अब भारत का वीजा मिल चुका है. इनमें स्पिनर आदिल राशिद, युवा खिलाड़ी रेहान अहमद और तेज गेंदबाज साकिब महमूद शामिल हैं. इन खिलाड़ियों को वीजा मिलना इंग्लैंड टीम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

अन्य देशों के खिलाड़ियों को भी राहत

सिर्फ इंग्लैंड ही नहीं बल्कि नीदरलैंड, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों के खिलाड़ियों और स्टाफ को भी वीजा मंजूरी मिल रही है. नीदरलैंड की टीम के सदस्यों को पहले ही भारत आने की अनुमति मिल चुकी है. वहीं कनाडा टीम के एक स्टाफ सदस्य को भी वीजा क्लियर हो गया है.

कुछ देशों के लिए प्रक्रिया अभी जारी

संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, इटली, बांग्लादेश और कनाडा की टीमों में शामिल पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया अभी जारी है. इन सभी के लिए अगले सप्ताह वीजा अपॉइंटमेंट तय कर दिए गए हैं, जिससे साफ है कि प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

31 जनवरी है अंतिम तारीख

आईसीसी की ओर से साफ किया गया है कि सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा जारी करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी तय की गई है. परिषद लगातार अलग-अलग देशों में मौजूद भारतीय उच्चायोगों के संपर्क में है ताकि किसी तरह की देरी न हो.

आईसीसी की सतर्कता से टली परेशानी

आईसीसी ने पहले से ही स्थिति को भांपते हुए कदम उठाए, जिससे आखिरी समय में कोई बड़ा विवाद या परेशानी खड़ी न हो. परिषद को भरोसा दिया गया है कि बाकी बचे मामलों को भी समय पर निपटा लिया जाएगा.

7 फरवरी से शुरू होगा टूर्नामेंट

टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है. वीजा प्रक्रिया सही दिशा में बढ़ने से आईसीसी को उम्मीद है कि सभी टीमें बिना किसी प्रशासनिक समस्या के भारत पहुंच सकेंगी और टूर्नामेंट पूरी तरह तैयारियों के साथ शुरू होगा.