अर्जेंटीना से भिड़ेगा भारत, हारते ही खत्म होगा सफर? जानें सेमीफाइनल का पूरा समीकरण
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत अभी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर नहीं हुआ है. अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराने के साथ भारत को नीदरलैंड्स से इंग्लैंड की हार की भी उम्मीद करनी होगी.
भारतीय हॉकी टीम के लिए वर्ल्ड कप का सफर बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है. इंग्लैंड और नीदरलैंड्स के खिलाफ हार के बाद टीम के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल जरूर है, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुई है. अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हराकर भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा है. अब टीम इंडिया को अपने आखिरी पूल मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर की जीत दर्ज करनी होगी.
भारत के सामने जीत की पहली शर्त
पूल-E में नीदरलैंड्स छह अंकों के साथ पहले ही अंतिम चार में पहुंच चुका है. बाकी एक स्थान के लिए भारत, अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच मुकाबला है. अर्जेंटीना और इंग्लैंड के तीन-तीन अंक हैं, जबकि भारत अभी खाता नहीं खोल सका है. भारत का गोल अंतर -4 है. सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए भारत को हर हाल में अर्जेंटीना को हराना होगा.
इंग्लैंड की हार पर टिकी उम्मीद
भारत की राह तभी खुलेगी, जब नीदरलैंड्स अपने आखिरी मैच में इंग्लैंड को हरा दे. यदि इंग्लैंड जीतता है या मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है, तो भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद वहीं खत्म हो जाएगी. इसलिए भारतीय टीम के प्रदर्शन के साथ दूसरे मुकाबले का नतीजा भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा. भारत के लिए अब मैदान पर जीत और दूसरे मैदान से अच्छी खबर, दोनों जरूरी हैं.
गोल अंतर बनेगा सबसे बड़ा खेल
दोनों शर्तें पूरी होने के बाद भी भारत को गोल अंतर का हिसाब देखना होगा. उदाहरण के लिए, भारत अगर अर्जेंटीना को 3-1 से हराता है और नीदरलैंड्स इंग्लैंड को 2-0 से मात देता है, तो भारत बेहतर स्थिति में आ सकता है. लेकिन दोनों मुकाबलों में 3-1 का समान अंतर रहा तो आंकड़े बराबर हो सकते हैं और मामला अगले टाईब्रेकर तक पहुंच सकता है.
अर्जेंटीना के खिलाफ बड़ी चुनौती
भारत के लिए अर्जेंटीना को हराना आसान नहीं होगा. इस साल एफआईएच प्रो लीग में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले हुए और दोनों में अर्जेंटीना विजयी रहा. एक मैच में उसने भारत को 8-0 से करारी शिकस्त दी, जबकि दूसरे मुकाबले में 4-2 से जीत दर्ज की. भारत ने अब तक केवल एक फील्ड गोल किया है, जो दिलप्रीत सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ किया था. ऐसे में टीम को गोल करने के साथ रक्षापंक्ति भी मजबूत रखनी होगी.