नई दिल्ली: पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं. वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सख्त दुनिया से दुखी दिखे, जहां खिलाड़ियों से रोबोट जैसी परफॉर्मेंस की उम्मीद की जाती है.
एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ खराब प्रदर्शन की आलोचना के जवाब में वे इमोशनल हो गए. बता दें कि पिछले कुछ समय से रउफ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है.
श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे मैच में हारिस रऊफ ने शानदार वापसी की. उन्होंने तीन विकेटों की झड़ी लगाकर चार विकेट चटकाए और पाकिस्तान को छह रन से जीत दिलाई. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब एशिया कप फाइनल की बात आई, तो उनका दर्द छलक पड़ा.
वे बोले, "हमारे लिए कोई माफी नहीं होती. हमसे रोबोट की तरह खेलने की उम्मीद की जाती है लेकिन हम इंसान हैं. हमारे भी खराब दिन आ सकते हैं." हारिस ने बताया कि बड़े मैचों में असफलता पर लोग जल्दी भूल जाते हैं अच्छे प्रदर्शन को.
एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया था. उस मैच में हारिस सिर्फ 3.4 ओवर फेंक सके और 50 रन लुटा बैठे. वे सबसे महंगे गेंदबाज रहे. इसकी वजह से उन पर काफी आलोचना हुई. यहां तक कि भारत के खिलाफ मैचों में अपशब्द करने पर उन्हें दो मैचों का बैन भी झेलना पड़ा था.
हारिस ने समझाया कि क्रिकेट में योजना हमेशा काम नहीं करती. "एक खिलाड़ी का खराब दिन आ सकता है. मुख्य बात यह है कि हार नहीं माननी चाहिए. हम अपनी स्किल्स पर भरोसा रखें और गलतियों को सुधारें."
फैंस की निराशा पर वे बोले, "कोई खिलाड़ी आलोचना पसंद नहीं करता. हर किसी की राय होती है, लेकिन हमारे लिए माफी का कोई स्थान नहीं. दस अच्छे मैच खेलो और एक खराब, तो लोग सिर्फ खराब वाला याद रखते हैं."
हारिस रऊफ ने टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा भी जताई. वे बोले, "मैं पाकिस्तान के लिए टेस्ट खेलना चाहता हूं. सेलेक्टर्स या बोर्ड जब चाहें, मैं तैयार हूं. बस पहले से बता दें ताकि लाल गेंद की तैयारी कर सकूं. टेस्ट में एक दिन में काफी ओवर फेंकने पड़ते हैं."