जसप्रीत बुमराह का वर्कलोड कैसे किया जा सकता है मैनेज? ग्लेन मैकग्रा ने बताया सबसे सरल उपाय
Jasprit Bumrah: भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच से आराम दिया गया. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पेसर ग्लेन मैकग्रा ने इसका उपाय बताया है कि उन्हें कैसे मैनेज किया जा सकता है.
Jasprit Bumrah: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की शानदार गेंदबाजी ने उन्हें दुनिया भर में मशहूर किया है. लेकिन उनकी अनोखी गेंदबाजी शैली और लगातार क्रिकेट खेलने के कारण उनकी चोट की समस्या भी चर्चा में रहती है. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने हाल ही में बुमराह के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपाय सुझाए हैं.
जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी तकनीक उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाती है. मैकग्रा के अनुसार बुमराह का रन-अप धीमा होता है लेकिन आखिरी कुछ कदमों में वह तेजी से क्रीज तक पहुंचते हैं. उनकी कलाई और गेंद छोड़ने का तरीका भी अनोखा है, जिससे गेंद बल्लेबाज के करीब पहुंचती है. यह तकनीक उन्हें बेहद प्रभावी बनाती है लेकिन यह उनके शरीर पर भी भारी पड़ती है.
जसप्रीत बुमराह को ऑफ-सीजन की जरूरत
मैकग्रा ने सुझाव दिया कि बुमराह को अपनी फिटनेस और ताकत बनाए रखने के लिए ऑफ-सीजन लेना चाहिए. ऑफ-सीजन यानी एक ऐसा समय जब वह क्रिकेट से पूरी तरह ब्रेक लें और अपनी शारीरिक ताकत बढ़ाने पर ध्यान दें. मैकग्रा का कहना है कि तेज गेंदबाजों के लिए यह बेहद जरूरी है क्योंकि लगातार गेंदबाजी करने से उनके शरीर पर बहुत दबाव पड़ता है. बुमराह को मजबूत और फिट रहने के लिए नियमित ट्रेनिंग के साथ-साथ पर्याप्त आराम की जरूरत है.
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अन्य गेंदबाजों की भूमिका
बुमराह की चोटों को कम करने और उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए भारतीय टीम को अपने अन्य तेज गेंदबाजों पर भी भरोसा करना होगा. मैकग्रा का कहना है कि अगर बुमराह को छोटे-छोटे स्पैल में गेंदबाजी कराई जाए, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा हो सकता है. इसलिए, टीम में अन्य तेज गेंदबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा ताकि बुमराह पर लंबे स्पैल डालने का दबाव न पड़े.
टेस्ट, वनडे और टी20 में संतुलन
बुमराह न केवल टेस्ट क्रिकेट में, बल्कि वनडे और टी20 फॉर्मेट में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं. मैकग्रा का मानना है कि बुमराह को यह तय करना होगा कि वह अपने शरीर के लिए क्या सही है. अगर वह केवल टेस्ट क्रिकेट खेलने का फैसला करते हैं, तो यह क्रिकेट प्रेमियों के लिए निराशाजनक होगा. लेकिन उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने खेलने के शेड्यूल में संतुलन बनाना होगा.