Paris Olympic 2024: जर्मनी से हारकर गोल्ड से चूकी भारतीय हॉकी टीम, अब ब्रॉन्ज की आस
Paris Olympic 2024: कोलंबस के यवेस-डु-मनोइर स्टेडियम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम और जर्मनी के बीच मुकाबला खेला गया. इस मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा. भारतीय हॉकी टीम को जर्मनी ने 3-2 से हराया. जर्मनी ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
Paris Olympic 2024: पेरिस ओलंपिक में भारत और जर्मनी के बीच सेमीफाइनल का मुकाबला खेला गया. भारतीय हॉकी टीम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा. जर्मनी ने टीम इंडिया को 3-2 से मात दी. जर्मनी ने मुकाबला अपने नाम करके फाइनल में प्रवेश कर लिया है. अब उनका मुकाबला नीदरलैंड से होगा. वहीं, भारतीय टीम ब्रॉन्ज मेडल के लिए स्पेन से भिड़ेगी.
मैच का पहला गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दागा
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 8वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को लीड दिलाई. इस गोल के साथ भारतीय टीम मैच का पहला गोल दागने में सफल रही.
दूसरे क्वार्टर में जर्मनी ने मारे दो गोल
जर्मनी ने दूसरे क्वार्टर में दो गाल दागे. दूसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जर्मनी ने गोल दाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया. जर्मनी के पिलाट गोन्जालो ने 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागकर स्कोर बराबर किया. 27वें मीनट में पेनल्टी स्ट्रोक का फायदा उठाते हुए क्रिस्टोफर रूहर ने जर्मनी के लिए दूसरा गोल दागा.
तीसरे क्वार्टर में भारत ने दागे गोल
तीसरे क्वार्टर फाइनल में भारत ने शुरुआती 6 मिनट में 3 पेनल्टी कॉर्नर बटोर लिए. दो पेनल्टी कॉर्नर में तो भारत गोल नहीं कर पाया लेकिन तीसरे पेनल्टी कॉर्नर में सुखजीत सिंह ने गोल दाकर टीम को मैच में वापस लाया. 36वें मिनट में टीम इंडिया ने गोल करके स्कोर को 2-2 से बराबर कर लिया.
चौथे क्वार्टर में बनाई बढ़त
जर्मनी ने 54वें मिनट में गोल कर 3-2 की बढ़त बनाकर गेम में आगे निकल गई. इसके बाद गोल नहीं हुआ और भारत इसी के साथ सेमीफाइनल में हार गया.
44 साल पहले खेला था फाइनल और जीता था गोल्ड
1980 के मॉस्को ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने अपना आखिरी ओलंपिक फाइनल मुकाबला खेला था. 31 जुलाई 1980 को मास्को ओलंपिक में स्पेन को 4-3 से हराकर भारतीय हॉकी टीम ने गोल्ड मेडल जीता था. भारतीय हॉकी टीम को फाइनल मुकाबले में जानें का मौका मिला था लेकिन टीम इंडिया को जीत नहीं मिल पाई. शुरुआत में टीम इंडिया ने जिस तरह से खेल दिखाया तो वह काबिले तारीफ था लेकिन अंत में जर्मनी ने अच्छा खेल दिखाया.