FIFA World Cup 2026

मैदान पर फुटबॉल का रोमांच, हवा में ड्रोन और AI कैमरों का पहरा; FIFA World cup 2026 से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने तैयार किया चक्रव्यूह

FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ने तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है.

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Ashutosh Rai

FIFA वर्ल्ड कप 2026 अगले हफ्ते से शुरू होने जा रहा है. इस बार टूर्नामेंट पहले से कहीं बड़ा है. 48 टीमें, 104 मैच और तीन देशों में फैला आयोजन सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती लेकर आया है. अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के 16 शहरों में होने वाले मुकाबलों के दौरान लाखों प्रशंसकों के पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ मैदानों की निगरानी नहीं कर रहीं, बल्कि ड्रोन हमलों, साइबर खतरों और AI आधारित गलत जानकारी जैसे नए जोखिमों से भी निपटने की तैयारी कर रही हैं.

ड्रोन और नई तकनीक सबसे बड़ी चुनौती

इस बार सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंता ड्रोन को लेकर है. पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई संघर्षों में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है. वर्ल्ड कप के दौरान इन्हें लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है. स्टेडियम और फैन जोन के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. सुरक्षा एजेंसियों के पास ऐसे विशेष उपकरण मौजूद हैं जो संदिग्ध ड्रोन का पता लगाकर उन्हें हवा में ही रोक सकते हैं. इसके अलावा हजारों AI आधारित कैमरे भी तैनात किए जाएंगे, जो भीड़ और गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे.

कई एजेंसियां मिलकर संभालेंगी जिम्मेदारी

वर्ल्ड कप की सुरक्षा केवल स्थानीय पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी गई है. इसमें फेडरल एजेंसियां, राज्य पुलिस, स्थानीय प्रशासन और निजी सुरक्षा संस्थाएं एक साथ काम कर रही हैं. आयोजन को अमेरिका में सुपर बाउल के बराबर उच्च सुरक्षा श्रेणी दी गई है. FBI ने इस सुरक्षा ढांचे को तैयार करने में लगभग दो साल लगाए हैं. हर मेजबान शहर में विशेष ऑपरेशन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां अलग-अलग एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करेंगी.

AI-फेक सूचना पर भी कड़ी नजर

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मैदान के बाहर सबसे बड़ा खतरा AI से तैयार किए गए फर्जी वीडियो और गलत जानकारी हो सकती है. किसी भी अफवाह या नकली वीडियो से हजारों लोगों में घबराहट फैल सकती है. इसी वजह से एजेंसियां सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लगातार निगरानी रखेंगी.

सुरक्षा व्यवस्था पर दुनिया की नजर

आयोजकों के सामने सिर्फ मैच सफल कराना ही लक्ष्य नहीं है. दुनिया को यह दिखाना भी है कि इतने बड़े आयोजन को सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकता है. अमेरिका का अनुमान है कि करीब 70 लाख लोग वर्ल्ड कप के दौरान देश में आएंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई बड़े नेता भी मुकाबले देखने पहुंच सकते हैं. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहेगा.