'पिता ने टाइगर मारा और उसके खून का तिलक लगा दिया', पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा

युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह हमेशा अपने बयान को लेकर चर्चा में रहते हैं. उन्होंने सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को भी ट्रेनिंग दी है.

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युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह हमेशा चर्चा में रहते हैं. योगराज सिंह अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं. कपिल देव के साथ क्रिकेट खेलने वाले योगराज कई युवा क्रिकेटरों को ट्रेनिंग देते हैं. सचिन तेंदुलकर के बेटा अर्जुन भी उनसे ट्रेनिंग ले चुका है. योगराज सिंह की एक अकादमी है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं. 

वीडियो में योगराज सिंह एक सख्त टास्क मास्टर होने का परिचय देते हैं. योगराज हार्ड टास्क मास्टर माने जाते हैं. योगराज सिंह से पूछा गया कि यदि कोई आपकी अकादमी में शामिल होना चाहता है, तो उस बच्चे को किस मानसिकता के साथ आना चाहिए?

'मौत का डर खत्म होना चाहिए'

योगराज सिंह ने जवाब दिया कि सबसे पहले, मौत का डर खत्म होना चाहिए. जब ​​मैं तीन साल का था, मेरे पिताजी ने मेरी मां से कहा कि हम बाघ के शिकार पर जा रहे हैं. मेरी मां डर गई थी. मेरे पिताजी ने कहा कि अगर वह मर भी गया, तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन मैं उसे बाघ जैसा बना दूंगा. 

'शेर का बच्चा घास नहीं खाता'

योगराज सिंह ने आगे कहा कि वह तीन साल का बच्चा अपनी मां के साथ कालाढूंगी के जंगल में बैठा है. मेरे पिताजी एक राइफल लिए हुए थे और चांदनी रात थी. हम एक मचान पर बैठे थे और तभी बाघ आया, बच्चा चिल्लाने ही वाला था लेकिन मेरी मां ने उसका मुंह बंद कर दिया. फिर मेरे पिताजी ने छह फीट की दूरी से बाघ पर गोली चलाई. सिर में गोली लगने से वह मर गया. वह पहाड़ की तरह नीचे गिरा. बच्चा अवाक रह गया. मेरे पिता ने मेरी मां से कहा कि मुझे नीचे उतारो. फिर उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कहा, 'शेर का बच्चा घास नहीं खाता'. वह आवाज़ गूंज की तरह चली गई. उन्होंने मुझे बाघ पर बैठाया और उसका खून मेरे होठों और माथे पर लगाया. मेरे घर में आज भी वह तस्वीर है.