कप्तान के सामने फखर जमान ने गेंद से की छोड़छाड़! PSL में खड़ा हुआ बड़ा विवाद, शाहीन अफ्रीदी ने तोड़ी चुप्पी
लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच मैच खेला गया. इस मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगा है. जिसके बाद से विवाद और तेज हो गया है.
नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग 2026 एक बार फिर से विवादों में घिर गया है. लीग के शुरु होते लीग के छठवें मैच में कुछ ऐसा हुआ जिसने एक बार फिर से पाकिस्तान सुपर लीग और पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच मैच खेला गया. इस मैच के दौरान गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगा है. जिसके बाद से विवाद और तेज हो गया है. गेंद से छेड़छाड़ के कारण विपक्षी टीम को पांच रन पेनल्टी के रूप में दिए गए.
बॉल टेंपरिंग का लगा आरोप
रविवार यानी की 29 मार्च की शाम को खेले गए लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच मैच खेला गया. मैच के आखिरी ओवर में अंपायर को कुछ शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही गेंदबाज से गेंद लेकर इस बदल दिया और पेनाल्टि के तौर पर सामने वाली टीम को 5 रन दिए.
बता दें आखिरी ओवर से पहले लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह, फखर जमान और गेंदबाज हारिस रऊफ कुछ बातचीत करते नजर आए. इस दौरान ही फखर जमान ने गेंद अपने हाथ में ली और उसके बाद अंपायर को उन पर शक हुआ. जिसके बाद अंपायर ने हारिस रऊफ से गेंद लेकर बॉल टेंपरिंग का आरोप लगाते हुए 5 रनों का जुर्माना लगाया और मामले को जांच की श्रेणी में डाल दिया.
19.3 ओवर में जीती
कराची किंग्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 14 रनों की आवश्यकता थी. हालांकि उनके लिए ये जीत की राह खुद लाहौर कलंदर्स ने ही आसान बना दी. दरअसल अंपायर ने जुर्माने के तौर पर 5 रन दिए थे, जिससे उन्हें अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी हुई थी.
जुर्माना लगने के बाद लक्ष्य घटकर 9 रन रह गया. बाद में अब्बास अफरीदी ने चौका और छक्का लगाकर 19.3 ओवर में मैच को अपने नाम कर लिया.
शाहीन की प्रतिक्रिया
मैच के बाद शाहीन शाह अफरीदी ने इस विवाद पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि उनकी टीम ड्रेसिंग रूम में वापस जाकर फुटेज की समीक्षा करेगी ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि गेंद की स्थिति जानबूझकर बदली गई थी या नहीं.
शाहीन ने आगे कहा कि,'मुझे इसके बारे में पता नहीं है, और हम देखेंगे कि क्या यह कैमरे में है और फिर इस पर चर्चा करेंगे. असल में, पांच रन दिए जा चुके हैं और हम कुछ नहीं कर सकते.'