सिराज ने ब्रूक को जीवनदान देकर इंग्लैंड की जीत की पक्की! वीडियो में देखें बाउंड्री पर कैसे DSP ने की बड़ी गलती
35वें ओवर में सिराज के पास मौका था जब ब्रूक पूरी ताकत से शार्ट खेला. सिराज बॉउंड्री पर तैनात थे. बॉल सीधे उनके हाथ में जा गिरी. उधर प्रसिद्ध कृष्णा के साथ पूरी टीम जश्न मानाने को तैयार थी तभी सिराज का एक पैर बॉउंड्री से जा लगा.
India vs England: तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है. इस सीरीज में उन्होंने 20 विकेट हासिल कर सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज का खिताब अपने नाम किया. पांचवें टेस्ट के तीसरे दिन की अंतिम गेंद पर सिराज ने ज़ैक क्रॉली को आउट किया, जबकि चौथे दिन पहले सेशन में उन्होंने ओली पोप का अहम विकेट चटकाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.
सिराज ने भले ही पूरी सीरीज में बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन मैच के बेहद अहम समय में सिराज से एक बहुत बड़ी गलती हुई. 35वें ओवर में उनके पास मौका था जब ब्रूक पूरी ताकत से शार्ट खेला. सिराज बॉउंड्री पर तैनात थे. बॉल सीधे उनके हाथ में जा गिरी. उधर प्रसिद्ध कृष्णा के साथ पूरी टीम जश्न मानाने को तैयार थी तभी सिराज का एक पैर बॉउंड्री से जा लगा. इस तरह ब्रूक को जीवनदान मिल गया.
सिराज ने मचाया कहर
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में सिराज के साथ-साथ प्रसिद्ध कृष्णा ने भी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने बेन डकेट को आउट कर भारत को और मजबूती दी. वहीं, आकाश दीप की गेंद पर हैरी ब्रूक ने 11 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. इसके बावजूद, ब्रूक ने 34वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ 16 रन जोड़कर इंग्लैंड की उम्मीदों को जिंदा रखा.
हैरी ब्रूक और जो रूट की चुनौती
चौथे दिन लंच तक इंग्लैंड का स्कोर 164/3 था, जिसमें जो रूट और हैरी ब्रूक की 63 गेंदों में 58 रनों की साझेदारी ने भारत के लिए खतरे की घंटी बजा दी. ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया. एक मौके पर सिराज ने ब्रूक का कैच लिया, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूकर जीवनदान दे गई. इस जोड़ी ने इंग्लैंड को मैच में वापस ला खड़ा किया.
भारत को जादुई पल की तलाश
भारत चौथे दिन की शुरुआत में जीत का प्रबल दावेदार था, लेकिन रूट और ब्रूक की साझेदारी ने खेल का रुख पलट दिया. इंग्लैंड को जीत के लिए अभी 210 रन चाहिए, और उनकी बल्लेबाजी में गहराई बाकी है. भारत को दूसरे सत्र में एक जादुई पल की जरूरत है ताकि ब्रूक और रूट की जोड़ी को तोड़ा जा सके और मैच पर नियंत्रण हासिल किया जा सके.