ENG vs IND: इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 'बेईमानी' से जीता लॉर्ड्स टेस्ट! टीम इंडिया को हराने के लिए चली थी गंदी चाल

ENG vs IND: इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिससे भारतीय टीम ने अपनी नाराजगी दिखाई है. उनका कहना है कि इंग्लैंड को इस मैच में फायदा पहुंचाया गया और इस वजह से जीत हासिल करने में कामयाब रहे.

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Praveen Kumar Mishra

ENG vs IND: लॉर्ड्स टेस्ट मैच में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए मुकाबले में एक बड़ा विवाद सामने आया है. भारतीय टीम प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि इंग्लैंड को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया, जिसके चलते भारत को 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद सीरीज में इंग्लैंड 2-1 से आगे हो गया. 

लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान इंग्लैंड की पहली पारी में दूसरी नई गेंद सिर्फ 10 ओवर बाद ही खराब हो गई. नियमों के अनुसार, खराब गेंद को उसी उम्र की दूसरी गेंद से बदलना होता है लेकिन अंपायरों ने भारतीय टीम को बताया कि उनके पास 10 ओवर पुरानी गेंद उपलब्ध नहीं है. इसके बजाय, भारत को 30-35 ओवर पुरानी गेंद दी गई. 

जसप्रीत बुमराह का जलवा रुका

गेंद बदलने से पहले भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी से परेशान कर रखा था. उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में तीन बड़े विकेट लिए. बेन स्टोक्स को उन्होंने एक शानदार गेंद पर बोल्ड किया, जो बैट और पैड के बीच से निकल गई.

इसके बाद जो रूट को तेज इनस्विंगर पर आउट किया और क्रिस वोक्स को पहली ही गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच करवाया. लेकिन गेंद बदलने के बाद खेल का रुख बदल गया. नई गेंद जहां 1.869 डिग्री स्विंग और 0.579 डिग्री सीम कर रही थी, वहीं पुरानी गेंद में सिर्फ 0.855 डिग्री स्विंग और 0.594 डिग्री सीम थी. इससे भारतीय गेंदबाजों को इंग्लैंड पर दबाव बनाने में दिक्कत हुई.

भारतीय टीम का गुस्सा

भारतीय टीम प्रबंधन ने इस मामले में नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि अगर उन्हें पहले बताया जाता कि 10 ओवर पुरानी गेंद की जगह 30-35 ओवर पुरानी गेंद दी जाएगी, तो वे खराब गेंद के साथ ही खेलना पसंद करते. टीम ने इस मुद्दे को आईसीसी के मैच रेफरी के सामने उठाया और नियमों में बदलाव की मांग की. 

क्या है नियम?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगर गेंद खराब हो जाती है, तो उसे उसी उम्र की दूसरी गेंद से बदला जाता है. लेकिन लॉर्ड्स में यह नियम पूरी तरह लागू नहीं हुआ. भारतीय टीम का मानना है कि इंग्लैंड को अनजाने में फायदा मिला क्योंकि पुरानी गेंद से स्विंग और सीम कम हो गई, जिससे उनके बल्लेबाजों को खेलने में आसानी हुई.