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ENG vs IND: बेन स्टोक्स की पूर्व इंग्लिश कप्तान ने निकाली अकड़, मैनचेस्टर में रविंद्र जडेजा से नहीं मिलाया था हाथ

ENG vs IND: मैनचेस्टर में भारत के बल्लेबाजों में कमाल का प्रदर्शन किया और मुकाबले को ड्रॉ कराया. हालांकि, इस दौरान कुछ ऐसा हुआ, जब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने रविंद्र जडेजा से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया.

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Praveen Kumar Mishra

ENG vs IND: मैनचेस्टर टेस्ट में भारत और इंग्लैंड के बीच ड्रॉ पर खत्म हुआ मुकाबला चर्चा का विषय बना रहा. भारतीय बल्लेबाजों रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर की शानदार बल्लेबाजी ने भारत को हार से बचाया, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के व्यवहार ने सबका ध्यान खींचा. 

स्टोक्स ने जडेजा से हाथ नहीं मिलाया और खेल को जल्द खत्म करने की पेशकश को ठुकराए जाने पर अजीबोगरीब गेंदबाजी कराई. इस पर पूर्व इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन ने स्टोक्स की आलोचना की और उनकी हरकत को ‘बेवकूफाना’ बताया. 

जडेजा-सुंदर ने ठुकराई स्टोक्स की पेशकश

मैनचेस्टर टेस्ट के आखिरी घंटे में रविंद्र जडेजा 89 और वॉशिंगटन सुंदर 85 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था, और स्टोक्स ने भारतीय बल्लेबाजों से खेल खत्म करने के लिए हाथ मिलाने की पेशकश की. लेकिन जडेजा और सुंदर अपने शतकों के करीब थे, इसलिए उन्होंने खेल जारी रखने का फैसला किया. इससे स्टोक्स नाराज हो गए और उन्होंने हैरी ब्रूक को गेंदबाजी के लिए उतारा, जिन्होंने जानबूझकर फुलटॉस गेंदें फेंकी.

नासिर हुसैन ने स्टोक्स को लिया आड़े हाथ

पूर्व इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन ने स्टोक्स के इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की. स्काई स्पोर्ट्स पर बोलते हुए हुसैन ने कहा, “मुझे भारतीय बल्लेबाजों के फैसले से कोई दिक्कत नहीं है. इंग्लैंड की टीम को इससे परेशानी थी. उनके गेंदबाज थक गए थे, इसलिए वे मैदान से जल्दी जाना चाहते थे.

हालांकि, जडेजा और सुंदर ने 80-90 रन तक कड़ी मेहनत की थी और वे अपने टेस्ट शतक डिजर्व करते थे.” हुसैन ने स्टोक्स के ब्रूक को गेंदबाजी सौंपने के फैसले को ‘बेवकूफाना’ बताया और कहा कि इस तरह की हरकतों को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है.

मांजरेकर ने स्टोक्स को कहा ‘बिगड़ा बच्चा’

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भी स्टोक्स के रवैये पर निशाना साधा. जियोहॉटस्टार पर उन्होंने कहा, “बेन स्टोक्स ने आखिर में एक बिगड़े बच्चे की तरह व्यवहार किया. भारतीय बल्लेबाजों को अपने शतक पूरे करने का पूरा हक था. अगर इंग्लैंड के दो बल्लेबाज शतक के करीब होते, तो क्या वे खेल खत्म कर देते?”