T20 World Cup 2026

ENG vs IND 5th Test: थम नहीं रहा गंभीर और पिच क्यूरेटर विवाद, पूर्व सलामी बल्लेबाज ने ECB पर निकाला गुस्सा

ENG vs IND 5th Test: इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट से पहले भारत के हेड कोच गौतम गंभीर और पिच क्यूरटर के बीच तीखी बहस हो गई थी. ऐसे में अब इसको लेकर भारत के पूर्व ओपनर ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है.

Social Media
Praveen Kumar Mishra

ENG vs IND 5th Test: इंग्लैंड और भारत के बीच 31 जुलाई से शुरू होने वाले पांचवें टेस्ट से पहले ओवल में विवाद ने तूल पकड़ लिया है. भारतीय कोच गौतम गंभीर और ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच मंगलवार 29 जुलाई को तीखी बहस हो गई. 

इस घटना पर पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने फोर्टिस और ECB की कड़ी आलोचना की है और इसे दोहरा रवैया करार दिया है. बता दें कि गंभीर और पिच क्यूरेटर के बीच तीखी बहस हुई थी और इसी वजह से अब चोपड़ा ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड पर निशाना साधा है.

गौतम गंभीर और फोर्टिस की तीखी बहस

मंगलवार को भारतीय टीम के वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन के दौरान गौतम गंभीर और पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. गंभीर ने फोर्टिस से कहा, "जाओ, जो रिपोर्ट करना चाहते हो करो, तुम बस एक ग्राउंड्समैन हो."

यह बहस तब शुरू हुई जब फोर्टिस ने भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को पिच के पास जाने से रोका. भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खिलाड़ी रबर स्पाइक्स पहने हुए थे, फिर भी फोर्टिस ने उन्हें पिच से दूर रहने को कहा और सपोर्ट स्टाफ पर चिल्लाए, जिसके बाद गंभीर भड़क गए.

आकाश चोपड़ा ने लगाई फटकार

पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने इस घटना पर अपनी यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात की और फोर्टिस के व्यवहार को 'अजीब' और 'अपमानजनक' बताया. उन्होंने 2023 की एशेज सीरीज का जिक्र किया, जहां फोर्टिस को इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मैच से दो दिन पहले पिच पर खड़े देखा गया था. चोपड़ा ने सवाल उठाया, "अगर फोर्टिस 48 घंटे पहले इंग्लैंड के कोच के साथ पिच पर खड़े हो सकते हैं, तो भारतीय खिलाड़ी और कोच पिच के पास भी नहीं जा सकते? यह व्यवहार पूरी तरह दोगला है."

गंभीर के शब्दों पर बहस

चोपड़ा ने माना कि गंभीर ने फोर्टिस के लिए जो शब्द इस्तेमाल किए, वे शायद उचित नहीं थे. उन्होंने कहा, "गंभीर का पद ऐसा है कि उन्हें शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए. लेकिन मैं समझ सकता हूं कि ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति गुस्से में क्या महसूस करता है."