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India Daily

ENG vs IND 4th Test: 12 रन बनाते ही रविंद्र जडेजा महान गैरी सोबर्स के खास क्लब में होंगे शामिल

ENG vs IND 4th Test: इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में रविंद्र जडेजा एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. वे अगर 12 रन बना लेते हैं, तो गैरी सोबर्स की खास लिस्ट में शामिल हो जाएंगे.

Ravindra Jadeja
Courtesy: Social Media

ENG vs IND 4th Test: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट में रविंद्र जडेजा एक ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब हैं. इस ऑलराउंडर को इंग्लैंड की धरती पर 1000 टेस्ट रन और 30 विकेट का आंकड़ा छूने के लिए सिर्फ 12 रनों की जरूरत है. 

ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय और दूसरे विदेशी खिलाड़ी बन जाएंगे. वेस्टइंडीज के दिग्गज गैरी सोबर्स इस खास क्लब में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी हैं.  ऐसे में जडेजा के पास बड़ा मौका है कि वे अपना नाम एक महान खिलाड़ी के साथ जोड़ें.

गैरी सोबर्स के क्लब में शामिल होने को तैयार रविंद्र जडेजा

रविंद्र जडेजा ने इंग्लैंड में 16 टेस्ट में 988 रन बनाए हैं और 30 विकेट लिए हैं. अगर वह मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन 12 रन और बना लेते हैं, तो वह गैरी सोबर्स के खास क्लब में शामिल हो जाएंगे. सोबर्स ने इंग्लैंड में 21 टेस्ट में 1820 रन बनाए और 30 विकेट लिए थे. जडेजा यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय बनेंगे. पहले दिन का खेल खत्म होने पर जडेजा 37 गेंदों में 19 रन बनाकर नाबाद थे, और भारत का स्कोर 83 ओवर में 264/4 था. दूसरे दिन उनके पास यह रिकॉर्ड बनाने का सुनहरा मौका होगा.

इंग्लैंड में भारतीय ऑलराउंडरों का प्रदर्शन

जडेजा इंग्लैंड में भारत के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक हैं. उनके अलावा कपिल देव (13 टेस्ट, 638 रन, 43 विकेट), विनू मांकड़ (6 टेस्ट, 395 रन, 20 विकेट) और रवि शास्त्री (9 टेस्ट, 503 रन, 11 विकेट) ने भी वहां अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन जडेजा 1000 रन और 30 विकेट का दोहरा रिकॉर्ड बनाने वाले पहले भारतीय होंगे. इंग्लैंड के खिलाड़ियों में स्टुअर्ट ब्रॉड, इयान बॉथम, क्रिस वोक्स, बेन स्टोक्स जैसे कई दिग्गज इस क्लब का हिस्सा हैं.

जडेजा का शानदार करियर

जडेजा लंबे समय से भारत के लिए ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं. उनकी गेंदबाजी, बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग ने उन्हें टीम का अहम हिस्सा बनाया है. इंग्लैंड में उनकी बल्लेबाजी हमेशा से प्रभावी रही है, और वह मुश्किल परिस्थितियों में भी रन बनाने के लिए जाने जाते हैं. पहले दिन उन्होंने साई सुदर्शन (61 रन) के साथ मिलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.