श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने नाबाद 115 रन की पारी खेलकर अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा किया. हालांकि, जुरेल की बल्लेबाजी से ज्यादा उनका शतक के बाद वाला सेलिब्रेशन चर्चा में रहा. जुरेल ने अपना शतक पूरा करने के बाद पहले तो सलाम किया फिर अपनी बाजू पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू दिखाया.
फिर क्या था उनका ये सेलिब्रेशन और टैटू चर्चा में आ गया. अब फैंस ये जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिरी जुरेल ने ऐसा सेलिब्रेशन क्यों किया. तो बता दें ध्रुव जुरेल के इस टैटू के पीछे एक बहुत ही भावुक कहानी जुड़ी हुई है.
मैच के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में जुरेल से इस टैटू और उनके सेलिब्रेशन के बारे में पूछा या तब उन्होंने बताया कि उनके दादा किसान थे और पिता सेना में. इसी वजह से उन्होंने अपने बाइसेप्स पर ‘जय जवान, जय किसान’ लिखवाया है.
शतक के बाद किया गया सलाम भी उन्होंने दोनों को समर्पित किया. जुरेल के लिए यह टैटू सिर्फ एक मैसेज नहीं, बल्कि उनकी पारिवारिक जड़ों की पहचान है. कोलंबो में खेली गई 115 रन की पारी उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक भी रही.
"जय जवान, जय किसान"
— BCCI (@BCCI) August 24, 2026
🗣️ My grandfather was a farmer and my father, a soldier.🫡
Dhruv Jurel reveals the reason behind the special celebration and the tattoo on his arm after reaching his 💯 👌#TeamIndia | #SLvIND | @dhruvjurel21 pic.twitter.com/pQlM1r84hN
जुरेल 99 रन तक आराम से पहुंचे, लेकिन इसके बाद श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने दबाव बढ़ाया. फील्डिंग भी काफी सख्त कर दी गई. एक गेंद पर जुरेल ने सीधा शॉट खेला और रन के लिए दौड़ पड़े. फील्डर को तेजी से पास आता देख उन्होंने पूरी ताकत से डाइव लगाई और शतक पूरा किया. यह पल उनके लिए रोमांच और तनाव दोनों से भरा रहा.
ऋषभ पंत के साथ जुरेल ने 112 रन की साझेदारी की. पंत ने 63 रन बनाए, जबकि जुरेल ने धैर्य के साथ अपनी पारी आगे बढ़ाई. जुरेल ने कहा कि पंत के अनुभव से उन्हें काफी मदद मिलती है और वह बल्लेबाजी के दौरान उनसे सलाह लेते रहते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह पंत की तरह खेलने की कोशिश नहीं करते. उनके मुताबिक, हर बल्लेबाज का अपना स्वाभाविक अंदाज होता है.