Bishan Singh Bedi: स्पिन के जादूगर और 1560 विकेट, बिशन सिंह बेदी की पुण्यतिथि पर जानें उनके कुछ खास रिकॉर्ड
Bishan Singh Bedi: भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन स्पिनर में से एक बिशन सिंह बेदी की आज पुण्यतिथि है. इस मौके पर आइए जानते हैं कि भारत के लिए उनका रिकॉर्ड कैसा रहा है. उन्होंने 1560 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था.
Bishan Singh Bedi: आज भारतीय क्रिकेट इतिहास के एक ऐसे महान योद्धा की पुण्यतिथि है, जिन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. बिशन सिंह बेदी, जिन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन लेफ्ट आर्म स्पिनर में से एक माना जाता है, उनका का जन्म 25 सितंबर 1946 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था. वे एक ऐसे दौर में पैदा हुए जब भारत आजादी की लड़ाई लड़ रहा था.
बेदी ने अपनी स्पिन की कला से दुनिया भर के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया और भारत के इस लाल ने 23 अक्टूबर 2023 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाया और 1500 से अधिक हासिल किया था.
बिशन सिंह बेदी का जीवन और क्रिकेट करियर
बिशन सिंह बेदी का क्रिकेट से परिचय काफी देर से हुआ. 13 साल की उम्र में रेडियो पर भारत-वेस्टइंडीज मैच सुनने के बाद उन्होंने क्रिकेट थामा और वह भी वजन घटाने के बहाने से. मात्र दो साल बाद 15 साल की उम्र में उन्होंने नॉर्दर्न पंजाब के लिए डेब्यू किया. 1968-69 में दिल्ली शिफ्ट होने के बाद उनकी असली पहचान बनी.
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वे भारतीय स्पिन चौकड़ी ईरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और श्रीनिवास वेंकटराघवन के साथ टीम इंडिया के स्तंभ बने. उनकी गेंदबाजी एक कविता की तरह थी, जिसमें सुंदर रन-अप, हाई फ्लाइट, लूप और स्पिन का जादू शामिल था.
इंटरनेशनल क्रिकेट में दिखाई जादूगरी
बेदी का टेस्ट डेब्यू 31 दिसंबर 1966 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ. शुरुआत धमाकेदार नहीं थी लेकिन उनकी सटीकता और विविधता ने उन्हें बचा लिया. 1969-70 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 21 विकेट लेते हुए कोलकाता टेस्ट में 7/98 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.
वे 1975 वर्ल्ड कप में भारत की पहली वनडे जीत के नायक बने. पूर्वी अफ्रीका के खिलाफ 12-8-6-1 के आंकड़े के साथ उन्होंने मैच को पलट दिया. कप्तानी में भी उन्होंने 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भारत ने 406 रनों का पीछा किया, जो उस समय का रिकॉर्ड था.
बेदी 1976 से 1978 तक 22 टेस्ट और 4 ODI मैच भारत के कप्तान के रूप में खेले. उनकी कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड (1967-68), वेस्टइंडीज (1970-71) और इंग्लैंड (1971) में सीरीज जीतीं. 1977-78 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 31 विकेट लिए, जिसमें पर्थ में 10/194 का मैच-विनिंग स्पेल शामिल था.
घरेलू और काउंटी करियर
1974-75 रणजी सीजन में 64 विकेट का रिकॉर्ड बनाया. काउंटी क्रिकेट में नॉर्थम्प्टनशायर के लिए खेलते हुए 434 विकेट लिए. उन्होंने कुल 370 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें उनके नाम 1560 विकेट दर्ज हैं.