Women's T20 World Cup 2024: BCCI ने ठुकराया मेजबानी का ऑफर, अब इन 2 देश में हो सकता है आयोजन
Women's T20 World Cup 2024: बांग्लादेश इन दिनों हिंसा की आग में चल रहा है. वहां सरकार विरोधी आंदोलन से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है. ऐसे में उससे अगले महीने वाले टी20 विश्व कप 2024 की मेजबानी छिनना तय माना जा रहा है. आईसीसी ने बीसीसीआई को इस विश्व कप की मेजबानी का प्रस्ताव दिया था, जिसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने ठुकरा दिया है.
Women's T20 World Cup 2024: महिला टी20 विश्व कप 2024 पर पड़ा अपडेट है. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट संघ (ICC) ने बीसीसीआई को प्रस्ताव दिया था कि वो इस टूर्नामेंट का आयोजन करा सकता है, लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. बांग्लादेश में फैली हिंसा के चलते अब महिला टी20 विश्व कप कहां होगा? इस पर ICC को 20 अगस्त को आखिरी फैसला लेना है.
3 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले महिला टी20 विश्व कप की मेजबानी से भारत पीछे हट गया है. अब श्रीलंका और UAE दूसरे विकल्प बचे हैं. इन्हीं दो शहरों में से किसी एक में इस वर्ल्ड कप का आयोजन हो सकता है. इस मुद्दे पर बीसीसीआई के सचिव जय शाह अपनी तरफ से स्थिति साफ कर चुके हैं.
जय शाह ने क्या कहा?
BCCI के सचिव जय शाह ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा, 'उन्होंने (ICC) हमारे सामने विश्व कप की मेजबानी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने साफ तौर पर मना कर दिया, हमारे यहां ये समय बरसात का है और उससे अहम है कि अगले साल हमें ही विमेंस वनडे विश्व कप की मेजबानी करनी है. मैं किसी को भी गलत संदेश नहीं देना चाहता कि हम लगातार दो विश्व कप की मेज़बानी करना चाहते हैं."
बांग्लादेश में मचा है बवाल
दरअसल, बांग्लादेश इस वक्त सरकार विरोधी आंदोलनों के कारण हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है. इसलिए आईसीसी ICC बांग्लादेश की जगह किसी और को मेजबानी देने पर विचार कर रही है. सरकार विरोधी आंदोलन के बाद फैसली हिंदा से बांग्लादेश में कई लोगों की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री शेख हसीना को गद्दी से हटा दिया गया है.
बांग्लादेश के हालातों पर ICC की पैनी नजर
इस हफ्ते की शुरुआत में ICC के एक अधिकारी ने बताया था कि 'बांग्लादेश की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सभी विकल्प खुले रखे गए हैं. ICC के एक बयान में कहा गया था 'हम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड [BCB] उनकी सुरक्षा एजेंसियों और हमारे अपने स्वतंत्र सुरक्षा सलाहकारों के साथ समन्वय में वहां हो रही गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. हमारी प्राथमिकता सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा और भलाई है.'