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बस बहुत हो गया कहने वाले कोच गौतम पर BCCI लेगी गंभीर एक्शन, सुधरने के लिए दिया 68 दिन का समय?

Gautam Gambhir:एक अन्य बड़ा सवाल यह है कि क्या गौतम गंभीर ने विराट कोहली के बाहर ऑफ-स्टंप पर गिरने वाली गेंदों से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस उपाय दिए हैं? गंभीर, जिन्होंने खुद इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी करते हुए इस समस्या का सामना किया था, कोहली के लिए कोई स्पष्ट समाधान नहीं दे पाए हैं.

Gyanendra Tiwari
बस बहुत हो गया कहने वाले कोच गौतम पर BCCI लेगी गंभीर एक्शन, सुधरने के लिए दिया 68 दिन का समय?
Courtesy: Social Media

Gautam Gambhir:  भारतीय क्रिकेट की स्थिति इस समय कुछ कठिन दौर से गुजर रही है, खासकर कप्तान रोहित शर्मा और सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली के फॉर्म को लेकर. साथ ही, भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ का कार्यभार भी अब सवालों के घेरे में है. खासकर तब, जब भारतीय टीम को विदेशी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कठिन मुकाबले में अपने संयोजन को लेकर परेशानी हो रही है. इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के लिए गंभीर के कोचिंग कार्यकाल को लेकर विचार करना एक अहम मुद्दा बन चुका है. यदि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का प्रदर्शन सुधार नहीं करता, तो गौतम गंभीर को एक बार फिर से अपनी कोचिंग क्षमता को साबित करने का मौका नहीं मिलेगा. यानी गंभीर के पास अब मात्र 68 दिन का समय बचा हुआ है.

वर्तमान में जारी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भारतीय टीम के लिए आसान नहीं रही है. टीम को सही संयोजन बनाने में मुश्किल हो रही है, और ऑस्ट्रेलिया जैसी आक्रामक टीम के सामने टीम के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. इसके साथ ही, मैदान पर चल रहे संघर्षों ने ड्रेसिंग रूम के भीतर भी असहमति की हवा को जन्म दिया है.

गौतम और खिलाड़ियों के बीच नहीं बैठ रहा तालमेल

सूत्रों के अनुसार, गौतम गंभीर और टीम के कई खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल नहीं बन पा रहा है. गंभीर के कोच बनने के बाद से कप्तान रोहित शर्मा के चयन संबंधित फैसलों में स्पष्टता की कमी महसूस की जा रही है. कप्तान ने हालांकि कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से खिलाड़ियों से चयन पर चर्चा करते हैं, लेकिन कई खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने के कारण गंभीर के साथ संवाद में कमी देखी जा रही है.

खिलाड़ियों के बीच असुरक्षा का माहौल

इस समय, भारतीय क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उनके अनुसार, गौतम गंभीर का चयन करने का तरीका काफी प्रयोगात्मक है, जो कभी-कभी विवादों को जन्म देता है. इस बार, जहां नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को मौके मिले और वह सफल हुए, वहीं शुभमन गिल के साथ गंभीर के बर्ताव को लेकर बहस चल रही है.

गंभीर पर बीसीसीआई ले सकती है एक्शन

BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अगर भारतीय टीम का प्रदर्शन आगामी चैंपियंस ट्रॉफी में भी सुधार नहीं करता है, तो गौतम गंभीर की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है. इस अधिकारी ने यह भी बताया कि गौतम गंभीर कभी BCCI के पहले विकल्प नहीं थे. वीजेएस लक्ष्मण को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन अन्य विदेशी कोचों ने तीनों प्रारूपों का कोच बनने से मना कर दिया था, जिसके कारण गंभीर को यह जिम्मेदारी दी गई थी.